हरिद्वार कुंभ 2027 की शुरुआत 14 जनवरी को मकर संक्रांति के स्नान पर्व से होगी। धार्मिक आयोजन का समापन 20 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर होगा। इस अवधि में कुल 11 शुभ स्नान पर्व आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार और मेला प्रशासन कुंभ के सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश और दुनिया को हमेशा ‘अतिथि देवो भव’ का संदेश देता रहा है।
श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी
मुख्यमंत्री के मुताबिक, हरिद्वार कुंभ में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कुंभ को आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का बड़ा संगम बताया।
आयोजन के दौरान 11 स्नान पर्व होंगे। इनमें पहला स्नान मकर संक्रांति पर 14 जनवरी को और अंतिम स्नान चैत्र पूर्णिमा पर 20 अप्रैल को होगा।
निष्कर्ष
हरिद्वार कुंभ 2027 का आयोजन 14 जनवरी से 20 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और मेला प्रशासन की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए श्रद्धालुओं और आने वाले मेहमानों के स्वागत की बात कही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हरिद्वार कुंभ 2027 कब शुरू होगा?
14 जनवरी को मकर संक्रांति के स्नान पर्व के साथ हरिद्वार कुंभ 2027 शुरू होगा।
Q. हरिद्वार कुंभ 2027 कब समाप्त होगा?
कुंभ का समापन 20 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर होगा।
Q. कुंभ के दौरान कितने स्नान पर्व होंगे?
हरिद्वार कुंभ 2027 के दौरान कुल 11 स्नान पर्व होंगे।
Q. कुंभ के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार और मेला प्रशासन सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
Q. श्रद्धालुओं के स्वागत को लेकर उत्तराखंड का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भव’ का संदेश देता रहा है और कुंभ में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार है।













