हरिद्वार जिले में शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, नमकीन इकाइयों और किराना प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कई अनियमितताएं मिलीं। विभाग ने अलग-अलग जगहों से 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।

एक होटल में रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा था, लेकिन लाइसेंस में चाय, मीट, इंडियन स्वीट्स और बेकरी प्रोडक्ट्स जैसी श्रेणियां दर्ज नहीं थीं। होटल प्रबंधन जांच के दौरान जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के अनुसार, किचन में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग-अलग सेक्शन नहीं बनाए गए थे। जांच में एक ही बर्तन में वेज और नॉन-वेज खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने की बात सामने आई।

इन कमियों के आधार पर मीट उत्पाद, इंडियन स्वीट्स और बेकरी प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह रोक संबंधित होटल में इन खाद्य उत्पादों की बिक्री पर लगाई गई है।

लक्सर में डेयरी और किराना प्रतिष्ठानों की जांच

दिलीप जैन ने लक्सर क्षेत्र में डेयरियों, नमकीन इकाइयों और किराना दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खुले पनीर, नमकीन और पैक्ड फ्रूटी ड्रिंक के नमूने लिए गए। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं मिलने की बात भी सामने आई।

फूड लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराने और जरूरी अभिलेख नहीं दिखाने पर एक नमकीन इकाई तथा 2 किराना दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबार में लाइसेंस, रिकॉर्ड और स्वच्छता से जुड़े नियमों की जांच करना था।

हरिद्वार शहर में दूध और मसालों के नमूने

कैलाश चंद्र भट्ट ने हरिद्वार शहर में अभियान चलाया। अशोक प्रोविजन स्टोर से मसालों के 2 नमूने जांच के लिए लिए गए। इस दुकान को केवल खाद्य पंजीकरण के आधार पर कारोबार चलाने के मामले में कारण बताओ नोटिस दिया गया।

शहरी डेयरियों और दूध विक्रेताओं की भी जांच की गई। अभियान के तहत खुले दूध के 3 नमूने लिए गए। चांद डेयरी से देसी घी का एक नमूना, जबकि गुर्जर और न्यू शिव डेयरी से पनीर के 2 नमूने जांच के लिए भेजे गए।

जिले में लिए गए सभी 13 खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपलब्ध जानकारी में रिपोर्ट आने की तारीख नहीं बताई गई है।

कुंभ की व्यवस्थाओं पर भी जोर

मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा विभाग की बैठक हुई है। बैठक में कुंभ के दौरान खाने, पीने, ठहरने और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

उन्होंने कहा कि कुंभ केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं है। यहां आने वाले लोग व्यवस्थाओं का आकलन भी करते हैं। उनके अनुसार, विदेशी मेहमान भी भोजन, पेयजल, ठहरने और स्वच्छता की स्थिति को गंभीरता से देखते हैं।

निष्कर्ष

खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार जिले में लाइसेंस, स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी कमियों पर कार्रवाई की है। 13 नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में अगला कदम तय होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने क्या कार्रवाई की?

होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, नमकीन इकाइयों और किराना प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कई खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए और कुछ कारोबारियों को नोटिस दिए गए।

Q. होटल में कौन सी अनियमितताएं मिलीं?

लाइसेंस में कई खाद्य श्रेणियां दर्ज नहीं थीं और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। किचन में वेज और नॉन-वेज भोजन के लिए अलग सेक्शन भी नहीं थे।

Q. होटल में किन उत्पादों की बिक्री रोकी गई?

मीट उत्पाद, इंडियन स्वीट्स और बेकरी प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई गई।

Q. अभियान में कितने खाद्य नमूने लिए गए?

हरिद्वार जनपद से कुल 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।

Q. किन जगहों से नमूने लिए गए?

लक्सर में खुले पनीर, नमकीन और पैक्ड फ्रूटी ड्रिंक के नमूने लिए गए। हरिद्वार शहर में मसाले, दूध, देसी घी और पनीर के नमूने लिए गए।

Q. किन कारोबारियों को नोटिस मिला?

एक नमकीन इकाई और 2 किराना दुकानदारों को लाइसेंस नवीनीकरण और अभिलेखों से जुड़ी कमियों पर नोटिस दिए गए। अशोक प्रोविजन स्टोर को भी कारण बताओ नोटिस मिला।