हरिद्वार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पढ़ाई, मध्याह्न भोजन और स्कूल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया।

कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से पाठ्यक्रम और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली गई। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए गए।

उपस्थिति और शिक्षक व्यवस्था

राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर में 334 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। निरीक्षण के समय 204 विद्यार्थी उपस्थित मिले। विद्यालय में 12 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि एक शिक्षक 04 फरवरी 2025 से अनुपस्थित है।

भोजन और साफ-सफाई पर निर्देश

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही को स्वीकार नहीं करने की बात कही गई। बच्चों के भोजन में हरी सब्जी शामिल करने और निर्धारित मानकों के मुताबिक स्वच्छ व पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

पुराने भवनों की मरम्मत की योजना

पुराने विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए सीएसआर के माध्यम से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाओं को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

इन निर्देशों के जरिए स्कूलों में पढ़ाई, विद्यार्थियों की उपस्थिति, भोजन की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं पर निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

निष्कर्ष

निरीक्षण में शिक्षा, उपस्थिति, भोजन और स्वच्छता से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा हुई। आगे अभिभावक बैठकों, सफाई, पौष्टिक भोजन और भवन मरम्मत से जुड़े निर्देशों पर काम किया जाना है।