हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के लिए ऊर्जा निगम करीब 3 करोड़ रुपये खर्च करेगा। विभाग पोल से मीटर तक आर्मर्ड केबल लगाएगा। इस काम में करीब 350 किलोमीटर लंबी केबल इस्तेमाल होगी।

ऊर्जा निगम ने लाइन लॉस की शिकायतों की जांच के लिए 4 महीने तक संबंधित फीडरों की निगरानी की। इस दौरान वनभूलपुरा से जुड़े क्षेत्र के 5 फीडरों से बिजली चोरी सामने आई। इसके बाद विभाग ने चोरी रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।

बीते सोमवार को ऊर्जा निगम की 7 टीमों ने वनभूलपुरा में जांच अभियान चलाया। इस दौरान 108 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई। विभाग के अनुसार, कुछ मामलों में पोल से घर तक जाने वाली लाइन काटकर बिजली ली जा रही थी। कुछ मीटरों से छेड़छाड़ के मामले भी सामने आए।

पोल से मीटर तक लगेगी आर्मर्ड केबल

ऊर्जा निगम सभी कनेक्शनों में पोल से मीटर तक आर्मर्ड केबल लगाने की योजना बना रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस केबल पर लोहे का आवरण होता है। इसमें कट लगाकर बिजली चोरी की कोशिश करने पर आग लगने और शॉर्ट सर्किट होने की स्थिति बन सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि ऐसी स्थिति की सूचना विभाग को तुरंत मिल सकेगी। इससे बिजली चोरी की कोशिश करने वाले की पहचान करने और मौके पर टीम भेजकर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। आर्मर्ड केबल लगाने के काम पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

हर घर के बाहर लगाए जाएंगे स्मार्ट मीटर

केबल लगाने के साथ क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर हर घर के बाहर स्मार्ट मीटर भी लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत की ऑनलाइन निगरानी हो सकेगी। विभाग के अनुसार, इससे मीटर रीडिंग में होने वाली गड़बड़ी खत्म करने और खपत का रिकॉर्ड पारदर्शी रखने में मदद मिलेगी।

अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि आर्मर्ड केबल लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इससे योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

निष्कर्ष

वनभूलपुरा में बिजली चोरी रोकने के लिए ऊर्जा निगम आर्मर्ड केबल और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था लागू करेगा। यह फैसला 5 फीडरों में चोरी सामने आने और जांच अभियान में 108 घरों में बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद लिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. वनभूलपुरा में बिजली चोरी रोकने के लिए कितना खर्च होगा?

ऊर्जा निगम इस काम पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

Q. कितनी आर्मर्ड केबल लगाई जाएगी?

पोल से मीटर तक करीब 350 किलोमीटर आर्मर्ड केबल लगाई जाएगी।

Q. बिजली चोरी की निगरानी के लिए कितने फीडरों की जांच हुई?

ऊर्जा निगम ने 4 महीने तक निगरानी की। इसमें 5 फीडरों से बिजली चोरी सामने आई।

Q. हालिया जांच में कितने घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई?

ऊर्जा निगम की जांच में 108 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई।

Q. स्मार्ट मीटर क्यों लगाए जाएंगे?

स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की ऑनलाइन निगरानी और मीटर रीडिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

Q. आर्मर्ड केबल लगाने की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है?

अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार के अनुसार, इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।