हल्द्वानी के कठघरिया बिजलीघर से जुड़े इलाकों में दिनभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कटौती 9 घंटे से ज्यादा चली। लंबे समय तक बिजली न आने से घरों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए और इन्वर्टर भी जवाब दे गए।
वार्ड-52 मुखानी की पार्षद रेखा बिनवाल ने कहा कि उमस भरी गर्मी में लगातार बिजली बंद रहने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि घरों में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे मरीजों के लिए ऐसी स्थिति जोखिम भरी हो सकती है।
पानी और स्वास्थ्य को लेकर परेशानी
पार्षद के मुताबिक, बिजली आपूर्ति ठप रहने के दौरान कुछ लोग पानी की जरूरत से परेशान रहे, जबकि कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। उन्होंने ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिनभर बिजली बंद रखना लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता उमेश बिनवाल ने कहा कि फॉल्ट ठीक करने या बिजली से जुड़े काम के लिए सप्लाई रोकना जरूरी हो सकता है। हालांकि, उनके अनुसार कुछ घंटे की जगह 9 घंटे से ज्यादा कटौती करना उचित नहीं है। उन्होंने इसे विभाग की मनमानी बताया।
अधिकारियों के घेराव की चेतावनी
उमेश बिनवाल ने कहा कि अगर भविष्य में इतनी लंबी बिजली कटौती दोहराई गई, तो विभागीय अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी है।
उपलब्ध जानकारी में ऊर्जा निगम की ओर से कटौती का आधिकारिक कारण या बहाली का समय नहीं बताया गया है। इसलिए फॉल्ट या अन्य तकनीकी काम को इस कटौती का निश्चित कारण नहीं कहा जा सकता।
निष्कर्ष
कठघरिया बिजलीघर क्षेत्र में 9 घंटे से ज्यादा बिजली कटौती ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ाई। पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता ने स्वास्थ्य, पानी और दैनिक कामकाज पर असर बताते हुए लंबी कटौती के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बिजली कटौती किस क्षेत्र से जुड़े इलाकों में हुई?
कठघरिया बिजलीघर से जुड़े क्षेत्रों में दिनभर बिजली आपूर्ति बाधित रही।
Q. बिजली कितने समय तक बाधित रही?
स्थानीय लोगों के अनुसार, कटौती 9 घंटे से ज्यादा चली।
Q. बिजली कटौती से किन कामों पर असर पड़ा?
लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए। पानी की जरूरत और घरों में चल रहे ऑक्सीजन सपोर्ट को लेकर भी चिंता जताई गई।
Q. इस मामले में किस जनप्रतिनिधि ने प्रतिक्रिया दी?
वार्ड-52 मुखानी की पार्षद रेखा बिनवाल ने बिजली आपूर्ति और लोगों की परेशानी पर सवाल उठाए।
Q. अधिकारियों के खिलाफ क्या चेतावनी दी गई है?
सामाजिक कार्यकर्ता उमेश बिनवाल ने लंबी कटौती दोहरने पर विभागीय अधिकारियों के घेराव और आंदोलन की चेतावनी दी है।
Q. कटौती का आधिकारिक कारण क्या बताया गया है?
उपलब्ध जानकारी में ऊर्जा निगम की ओर से कटौती का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।










