हल्द्वानी के वनभूलपुरा में बिजली चोरी के खिलाफ ऊर्जा निगम ने सोमवार तड़के बड़ा अभियान चलाया। सुबह 5:00 बजे शुरू हुई कार्रवाई में 7 टीमों ने 5 इलाकों में एक साथ जांच की। निगम के अनुसार, अभियान के दौरान 108 मामलों में बिजली चोरी सामने आई।
यह कार्रवाई उन फीडरों पर की गई, जहां लाइन लॉस 50 से 55 फीसदी तक मिला था। ऊर्जा निगम के मुताबिक, पिछले एक महीने से अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों का अध्ययन किया जा रहा था। इसी समीक्षा के बाद वनभूलपुरा में जांच की गई।
5 इलाकों में एक साथ जांच
किदवई नगर, इंदिरा नगर, गांधीनगर, नई बस्ती और आजाद नगर में टीमों ने जांच की। विभाग के अनुसार, कई जगह कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने और मीटरों से छेड़छाड़ के मामले मिले। संबंधित मीटर सीज कर दिए गए हैं।
ऊर्जा निगम ने इन मामलों में जुर्माने और प्राथमिकी की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अभी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि नहीं की गई है। अभियान में अधिशासी अभियंताओं, एसडीओ, एई और जेई के साथ विजिलेंस तथा पुलिस की टीमें शामिल रहीं। वनभूलपुरा कोतवाली पुलिस भी मौके पर मौजूद थी।
कुमाऊं जोन के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी ने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य बिजली चोरी रोकना और नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। विभाग का कहना है कि केवल छापेमारी के बजाय बिजली आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव करके चोरी के रास्ते बंद करने पर भी काम किया जाएगा।
मीटर बाहर लगाने और स्मार्ट मीटर की तैयारी
ऊर्जा निगम घरों के भीतर लगे मीटरों को बाहर शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। सामान्य केबल की जगह आर्मर्ड केबल लगाने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने पर भी काम प्रस्तावित है।
विभाग के अनुसार, इन उपायों से बिजली चोरी पर निगरानी बढ़ाने और लाइन लॉस कम करने में मदद मिल सकती है। इन योजनाओं को लागू करने की समयसीमा अभी बताई नहीं गई है।
मुख्य अभियंता ने कनेक्शन दिलाने या बिल जमा कराने के नाम पर पैसे मांगने वालों के खिलाफ पुलिस से शिकायत करने की अपील की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों की जानकारी पुलिस को दी जानी चाहिए।
कर्मचारियों से जुड़ी शिकायतों की भी जांच
अभियान के दौरान विभागीय कर्मचारियों से जुड़ी कुछ शिकायतें भी सामने आईं। मुख्य अभियंता के अनुसार, इन शिकायतों की जांच की जाएगी। जांच के बाद जरूरी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ऊर्जा निगम ने संकेत दिया है कि वनभूलपुरा में बिजली चोरी के खिलाफ जांच और निगरानी आगे भी जारी रहेगी। जुर्माने और प्राथमिकी से जुड़ी अगली कार्रवाई संबंधित मामलों की जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद होगी।
निष्कर्ष
वनभूलपुरा में 7 टीमों की कार्रवाई के दौरान बिजली चोरी के 108 मामले सामने आए और कुछ फीडरों पर लाइन लॉस 50 से 55 फीसदी तक मिला। ऊर्जा निगम अब मीटर बाहर लगाने, आर्मर्ड केबल और स्मार्ट मीटर के जरिए निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. वनभूलपुरा में बिजली चोरी के कितने मामले सामने आए?
ऊर्जा निगम के अनुसार, अभियान में बिजली चोरी के 108 मामले सामने आए।
Q. अभियान किन इलाकों में चलाया गया?
किदवई नगर, इंदिरा नगर, गांधीनगर, नई बस्ती और आजाद नगर में जांच की गई।
Q. अभियान के दौरान लाइन लॉस कितना मिला?
कुछ फीडरों पर लाइन लॉस 50 से 55 फीसदी तक मिला।
Q. बिजली चोरी के मामलों में अब क्या कार्रवाई होगी?
संबंधित मीटर सीज किए गए हैं। विभाग जुर्माने और प्राथमिकी की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
Q. बिजली चोरी रोकने के लिए ऊर्जा निगम क्या बदलाव करेगा?
निगम मीटर बाहर लगाने, आर्मर्ड केबल का इस्तेमाल करने और स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है।
Q. क्या विभागीय कर्मचारियों से जुड़ी शिकायतों की जांच होगी?
हां, मुख्य अभियंता के अनुसार कर्मचारियों से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद जरूरी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।








