हल्द्वानी में राष्ट्रीय संघर्ष समिति की नैनीताल जिला इकाई ने न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने और महंगाई भत्ता देने की मांग उठाई है। समिति ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर देशभर के ईपीएफओ कार्यालयों में तालाबंदी की जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली स्थित ईपीएफओ मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।

शनिवार को हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड परिवहन निगम डिपो में समिति की नैनीताल जिला इकाई की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार वालिया ने की। इसमें उत्तराखंड परिवहन निगम, भारतीय खाद्य निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम, वन निगम, लालकुआं पेपर मिल और नेपा पेपर मिल समेत विभिन्न विभागों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए।

समिति के पदाधिकारियों और वक्ताओं ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से न्यूनतम पेंशन में संशोधन नहीं हुआ है। उन्होंने पेंशनभोगियों और उनके पति-पत्नी को चिकित्सा सुविधा देने की मांग भी रखी। इसके अलावा पेंशन योजना से बाहर रह गए पात्र लोगों को योजना में शामिल करने की मांग की गई।

अंतरिम सहायता देने की मांग

राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने कहा कि जब तक न्यूनतम पेंशन में संशोधन नहीं होता, तब तक पेंशनभोगियों को 5000 रुपये प्रतिमाह अंतरिम सहायता दी जानी चाहिए। बैठक में वक्ताओं ने इन मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही।

बैठक में एनएसी उत्तराखंड के प्रांतीय अध्यक्ष भूपेंद्र अधिकारी, समन्वयक जगत सिंह डोबाल, प्रांतीय सचिव गणेश मेलकानी, प्रांतीय उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश गोस्वामी, जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन लोहनी, गोपाल रिखाड़ी और सोमनाथ ने विचार रखे।

जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार वालिया ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत और केंद्रीय समिति के निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से समिति की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होने की अपील की।

आंदोलन की चेतावनी

समिति के अनुसार, उसकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करना, महंगाई भत्ता देना, पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना तथा पात्र लोगों को पेंशन योजना में शामिल करना शामिल है। मांगें पूरी नहीं होने पर देशभर के ईपीएफओ कार्यालयों में तालाबंदी और दिल्ली में प्रदर्शन का कार्यक्रम चेतावनी के रूप में रखा गया है।

निष्कर्ष

हल्द्वानी की बैठक में राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने न्यूनतम पेंशन, महंगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधा और पात्र लोगों को योजना में शामिल करने की मांग दोहराई। समिति ने संशोधन नहीं होने तक 5000 रुपये अंतरिम सहायता और मांगें पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने न्यूनतम पेंशन कितनी करने की मांग की है?

समिति ने न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।

Q. समिति ने महंगाई भत्ते को लेकर क्या मांग रखी है?

समिति ने पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता देने की मांग की है।

Q. संशोधन होने तक कितनी अंतरिम सहायता मांगी गई है?

न्यूनतम पेंशन में संशोधन होने तक 5000 रुपये प्रतिमाह अंतरिम सहायता देने की मांग की गई है।

Q. पेंशनभोगियों के लिए कौन-सी सुविधा मांगी गई है?

पेंशनभोगियों और उनके पति-पत्नी के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

Q. मांगें पूरी नहीं होने पर समिति ने क्या चेतावनी दी है?

समिति ने देशभर के ईपीएफओ कार्यालयों में तालाबंदी और दिल्ली स्थित मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

Q. बैठक में कौन शामिल हुए?

बैठक में विभिन्न विभागों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें उत्तराखंड परिवहन निगम, भारतीय खाद्य निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम, वन निगम, लालकुआं पेपर मिल और नेपा पेपर मिल के कर्मचारी शामिल थे।