गजेंद्र सिंह रावत को चमोली-रुद्रप्रयाग जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लगातार दूसरी बार मिली है। अध्यक्ष चुने जाने के बाद वह अपने गृह क्षेत्र निजमुला सप्तकुंड घाटी पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।

व्यारा गांव में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सहकारी समितियों से जुड़े पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने रावत का सम्मान किया। ग्रामीणों ने उन्हें फूल भेंट किए और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया।

गांवों की आर्थिक मजबूती पर जोर

रावत ने कहा कि सहकारिता को गांवों की आर्थिक मजबूती का आधार बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अधिक ग्रामीणों को सहकारी गतिविधियों से जोड़ने की बात कही। उनके अनुसार, महिलाओं और युवाओं को बैंक की योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने बैंक की कर्ज योजनाओं को युवाओं के लिए रोजगार शुरू करने का जरिया बताया। रावत के मुताबिक, इन योजनाओं से युवाओं को अपना काम शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं। इससे रोजगार के लिए गांवों से बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ सकती है।

कार्यक्रम में ग्रामीण रोजगार की चर्चा

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुबीर सिंह बिष्ट ने रावत के दोबारा अध्यक्ष बनने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सहकारिता के जरिए युवाओं और महिलाओं को अपना रोजगार शुरू करने का अवसर दिया जा सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में ग्रामीणों ने सहकारिता को मजबूत करने और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने साल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी का वादा भी किया।

निष्कर्ष

गजेंद्र सिंह रावत के सामने दूसरी बार अध्यक्ष के रूप में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को सहकारी योजनाओं से जोड़ने की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में स्थानीय रोजगार और गांवों की आर्थिक मजबूती को प्रमुख मुद्दे के रूप में रखा गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गजेंद्र सिंह रावत किस पद पर दूसरी बार चुने गए हैं?

गजेंद्र सिंह रावत चमोली-रुद्रप्रयाग जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर दूसरी बार चुने गए हैं।

Q. रावत का स्वागत कहां किया गया?

उनका स्वागत उनके गृह क्षेत्र निजमुला सप्तकुंड घाटी में हुआ। व्यारा गांव में इस मौके पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Q. कार्यक्रम में उनका स्वागत किस तरह हुआ?

ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों, सहकारी समितियों के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने उन्हें फूल भेंट किए।

Q. रावत ने सहकारिता को लेकर क्या बात कही?

उन्होंने सहकारिता को गांवों की आर्थिक मजबूती का आधार बनाने की बात कही। साथ ही अधिक ग्रामीणों को सहकारी गतिविधियों से जोड़ने की बात रखी।

Q. बैंक की कर्ज योजनाओं से किन लोगों को फायदा पहुंचाने की बात कही गई?

रावत ने महिलाओं और युवाओं को बैंक की योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश की बात कही। उन्होंने युवाओं के रोजगार शुरू करने के अवसरों का भी उल्लेख किया।

Q. कार्यक्रम में ग्रामीणों ने क्या संकल्प लिया?

ग्रामीणों ने सहकारिता को मजबूत करने और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने साल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में भागीदारी का वादा किया।