पिछले साल के बावजूद क्षेत्र के कई स्थानों पर पैदल रास्ते और पुलिया टूटे पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों के चलना-फिरना और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। बरसात के मौसम में इन मार्गों पर स्थिति और भी जोखिमभरी हो जाती है।