विकासनगर। दीवाली के दौरान पछुवादून के उप जिला चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पताल अलर्ट मोड पर रहेंगे। अस्पतालों के इमरजेंसी विभाग में पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। आपात स्थिति में इलाज के लिए अलग बेड आरक्षित रखे गए हैं।

जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का फोकस दीये, पटाखों और अन्य हादसों में घायल लोगों को तत्काल उपचार देने पर रहेगा।

सरकारी अस्पतालों में दवाओं और ड्रेसिंग सामग्री की व्यवस्था

उप जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि पछुवादून के सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ड्रेसिंग सामग्री का भी इंतजाम किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।

दीवाली के दौरान किसी हादसे में घायल मरीज को पहले उप जिला चिकित्सालय में उपचार दिया जाएगा। मरीज की हालत और जरूरत के अनुसार उसे हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।

नेत्र, ईएनटी और हड्डी रोग विशेषज्ञ भी ड्यूटी पर

डॉ. नरेंद्र चौहान के अनुसार, त्योहार के दौरान नेत्र रोग, ईएनटी और ऑर्थोपेडिक्स समेत दूसरे विभागों के डॉक्टर भी तैनात रहेंगे। इससे आंखों में चोट, शरीर के हिस्सों में जलने और हड्डी से जुड़ी चोटों वाले मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

पिछले साल पछुवादून के अस्पतालों में दीवाली के दौरान जलने के डेढ़ सौ से अधिक मामले पहुंचे थे। इनमें दीयों से जलने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा थी। पटाखों से हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगने के मामले भी सामने आए थे।

आग से बचाव के लिए क्या करें

दीये जलाते समय पास में पानी या अग्निशामक यंत्र रखना सुरक्षित माना गया है। त्योहार के दौरान सूती कपड़े पहनने और सिंथेटिक कपड़ों से बचने की सलाह दी गई है। दीये और मोमबत्तियां सुरक्षित तथा स्थिर जगह पर रखने को कहा गया है।

जलने पर प्रभावित हिस्से पर 20 मिनट तक ठंडा बहता पानी डालना चाहिए। जले हुए स्थान पर बर्फ नहीं लगानी चाहिए। अगर कपड़ा त्वचा से चिपक गया हो, तो उसे जबरन हटाने से बचें। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें और बिना डॉक्टर की सलाह के क्रीम या दवा न लगाएं।

निष्कर्ष

दीवाली के दौरान पछुवादून के अस्पताल इमरजेंसी इलाज के लिए तैयार रहेंगे। बेड, दवाइयों, ड्रेसिंग सामग्री और डॉक्टरों की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर हायर सेंटर भेजा जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. दीवाली पर पछुवादून के कौन-कौन से अस्पताल अलर्ट रहेंगे?

उप जिला चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पताल अलर्ट मोड पर रहेंगे।

Q. इमरजेंसी मरीजों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?

इमरजेंसी मरीजों के लिए अलग बेड आरक्षित रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

Q. सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता कैसी रहेगी?

सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रेसिंग सामग्री की भी व्यवस्था की गई है।

Q. हादसे में घायल मरीजों को कहां उपचार मिलेगा?

घायल मरीजों को पहले उप जिला चिकित्सालय में उपचार दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।

Q. पिछले साल दीवाली पर कितने जलने के मामले आए थे?

पिछले साल पछुवादून के अस्पतालों में जलने के डेढ़ सौ से अधिक मामले पहुंचे थे। इनमें दीयों से जलने वाले मामले ज्यादा थे।

Q. जलने पर तुरंत क्या करना चाहिए?

जले हुए हिस्से पर 20 मिनट तक ठंडा बहता पानी डालें और बर्फ न लगाएं। कपड़े त्वचा से चिपके हों तो उन्हें जबरन न हटाएं और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।