देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी राजनीतिक ताकतों पर विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने और टकराव का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार समेत कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और असहमति जताना हर व्यक्ति का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने राजनीतिक फायदे के लिए युवाओं को भड़काने, अफवाह फैलाने और हिंसा को बढ़ावा देने को स्वीकार न किए जाने वाली बात बताया।
धामी ने विपक्ष पर लगाए ये आरोप
पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तराखंड के सम्मान का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस के ‘युवराज’ देश के महान सपूतों में शामिल अजीत डोभाल का अपमान करते हैं, तब पार्टी के नेता चुप रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मित्र और कांग्रेस का सहयोगी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की पार्टी ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलवाई थी और उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहा गया। धामी ने कहा कि इन बयानों पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
धामी ने कहा कि उनकी सरकार भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वालों के लिए ‘घुसपैठिया’ शब्द का इस्तेमाल करती है, जबकि कांग्रेस के सहयोगी उत्तराखंड के लोगों को इसी नाम से संबोधित करते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन के लिए गठबंधन की प्राथमिकता राज्य के सम्मान और स्वाभिमान से ऊपर है।
पुरानी पेंशन योजना पर भी कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर उत्तराखंड में पुरानी पेंशन योजना लागू करने के वादे को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसे वादे करने से पहले उन राज्यों में अपनी सरकारों का हिसाब देना चाहिए, जहां वह सत्ता में है।
इस बयान में धामी ने कांग्रेस पर ‘झूठे वादे’ करने का आरोप लगाया, लेकिन संबंधित राज्यों या वादों का अलग-अलग विवरण नहीं दिया। पुरानी पेंशन योजना को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी विपक्षी दलों के बीच चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा है।
विकास बनाम राजनीतिक टकराव का मुद्दा
धामी के बयान का मुख्य केंद्र उत्तराखंड में विकास कार्यों और राजनीतिक टकराव के बीच अंतर बताना रहा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार को शामिल किया।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से विकास पर सार्थक चर्चा करने की अपील के बजाय यह आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें भ्रम और टकराव का माहौल बनाने में जुटी हैं। उनके अनुसार, असहमति लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन अफवाह और हिंसा को राजनीतिक साधन नहीं बनाया जा सकता।
निष्कर्ष
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के विकास दावों को सामने रखते हुए विपक्ष पर युवाओं को भड़काने, अफवाह फैलाने और उत्तराखंड के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर चुप रहने का आरोप लगाया। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना के वादे को लेकर कांग्रेस से उसके शासित राज्यों का हिसाब मांगने की बात कही।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बयान कहां दिया?
देहरादून में मुख्यमंत्री ने यह बयान दिया।
Q. धामी ने उत्तराखंड की प्रगति किन क्षेत्रों में बताई?
उन्होंने कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्र गिनाए।
Q. लोकतंत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सवाल पूछना और असहमति जताना हर व्यक्ति का अधिकार है।
Q. धामी ने राजनीतिक ताकतों पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कुछ राजनीतिक ताकतों पर युवाओं को भड़काने, अफवाह फैलाने और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
Q. मुख्यमंत्री ने अजीत डोभाल का जिक्र क्यों किया?
उन्होंने आरोप लगाया कि अजीत डोभाल के अपमान पर कांग्रेस के नेता चुप रहते हैं।
Q. अखिलेश यादव को लेकर धामी ने क्या कहा?
धामी ने उन्हें कांग्रेस का सहयोगी और राहुल गांधी का मित्र बताते हुए उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने का आरोप लगाया।
Q. पुरानी पेंशन योजना पर धामी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उत्तराखंड में योजना लागू करने का वादा करने से पहले अपने शासित राज्यों का हिसाब देना चाहिए।













