सेप्टिक टैंकरों के नियमित निरीक्षण और मल के उपचार के लिए निर्धारित एसटीपी (Sewage Treatment Plant) के माध्यम से ही निस्तारण को सुनिश्चित करने की बात भी आई है। बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान कर उनके क्षेत्रीय segregations के अनुसार गीला और सूखा कचरा दोनों का सही निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कचरे का सही प्रबंधन संभव हो सके।
प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है ताकि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित किया जा सके। न्यायालय के आदेशों की प्रति सभी नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पार्षदों तक पहुँचाई गई है ताकि वे अपने-अपने स्तर पर क्रियान्वयन देख सकें।








