देहरादून में कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी ने कथित शराब तस्करी के मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हरियाणा से खरीदी गई सस्ती शराब को फर्जी डिफेंस और उत्तराखंड आबकारी स्टिकर लगाकर बेचने की तैयारी में थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब और पैकिंग से जुड़ी सामग्री बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर को सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने सहारनपुर रोड स्थित मातावाला बाग में चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक बोलेरो को रोका गया। वाहन में 5 लोग सवार थे। तलाशी लेने पर अलग-अलग ब्रांड की अंग्रेजी शराब की 87 बोतलें मिलीं। यह शराब 7 से अधिक कार्टन में रखी थी और इसकी कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है।

फर्जी लेबल और पैकिंग सामग्री बरामद

तलाशी में पुलिस को 1,048 रैपर, स्टिकर, ढक्कन, सील, खाली बोतलें और पैकिंग सामग्री भी मिली। इसके अलावा 540 नकली उत्तराखंड स्टेट एक्साइज स्टिकर बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, कुछ बोतलों पर ऐसे लेबल लगे थे, जिनका इस्तेमाल केवल डिफेंस कर्मियों को बिक्री के लिए किया जाता है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने हरियाणा के करनाल से कम कीमत पर शराब खरीदने की बात बताई। आरोप है कि इसके बाद बोतलों पर फर्जी डिफेंस और उत्तराखंड के होलोग्राम व स्टिकर लगाए जाने थे। इस तरह शराब को अधिक कीमत पर बेचने की योजना थी। इन दावों की जांच पुलिस कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज कुमार गोयल, उम्र 46 वर्ष, पुत्र राधेश्याम, निवासी फेज II, पल्लवपुरम, मेरठ शामिल है। दूसरा आरोपी प्रवीण, उम्र 47 वर्ष, पुत्र ओमप्रकाश, सनी डेयरी के पास बद्रीपुर, नेहरू कॉलोनी, देहरादून का निवासी है।

पुलिस ने मन्नू गंज, कोतवाली नगर, देहरादून निवासी मनीष अरोड़ा, उम्र 44 वर्ष, पुत्र नरेश अरोड़ा को भी पकड़ा है। इसके अलावा मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित न्यू नंदपुरी निवासी प्रतीक, उम्र 24 वर्ष, पुत्र राकेश और 123 नंदपुरी, कंकरखेड़ा, मेरठ निवासी विनोद, उम्र 37 वर्ष, पुत्र सत्यवीर गिरफ्तार किए गए हैं।

मामले में कोतवाली नगर थाने में आबकारी अधिनियम की धाराओं 60, 63 और 72 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही बीएनएस की धाराएं 349 और 350 भी लगाई गई हैं। पुलिस ने शराब की तस्करी में इस्तेमाल बोलेरो को जब्त कर लिया है।

आगे की जांच जारी

पुलिस अब बरामद शराब के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगा रही है। अभी तक सामने आए आरोप जांच का विषय हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों को अदालत में पेश किए जाने और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी स्रोत सामग्री में नहीं दी गई है।

निष्कर्ष

देहरादून पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने 87 बोतल शराब, फर्जी लेबलिंग से जुड़ी सामग्री और 540 नकली उत्तराखंड आबकारी स्टिकर बरामद किए हैं। मामले की जांच शराब के स्रोत और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह कार्रवाई कहां हुई?

सहकारी टीम ने देहरादून के सहारनपुर रोड स्थित मातावाला बाग में बोलेरो की चेकिंग के दौरान कार्रवाई की।

Q. पुलिस ने कितनी शराब बरामद की?

पुलिस के अनुसार, अलग-अलग ब्रांड की अंग्रेजी शराब की 87 बोतलें बरामद हुईं। यह शराब 7 से अधिक कार्टन में रखी थी।

Q. बरामद शराब की कीमत कितनी बताई गई है?

बरामद शराब की कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है।

Q. फर्जी लेबलिंग के लिए क्या-क्या सामान मिला?

पुलिस ने 1,048 रैपर, स्टिकर, ढक्कन, सील, खाली बोतलें और पैकिंग सामग्री बरामद की। 540 नकली उत्तराखंड स्टेट एक्साइज स्टिकर भी मिले।

Q. पुलिस के अनुसार शराब कहां से लाई गई थी?

पूछताछ में आरोपियों ने हरियाणा के करनाल से शराब खरीदने की बात बताई।

Q. इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?

कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Q. आरोपियों के खिलाफ कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?

कोतवाली नगर थाने में आबकारी अधिनियम की धाराओं 60, 63 और 72 तथा बीएनएस की धाराओं 349 और 350 के तहत केस दर्ज किया गया है।

Q. पुलिस अब क्या जांच कर रही है?

पुलिस शराब के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगा रही है।