पौड़ी जिले के कल्जीखाल विकासखंड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज नलईखाल में छात्रों को कक्षा-कक्ष बदलकर पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के एक कमरे की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वहां पढ़ाई कराना जोखिम भरा माना जा रहा है।

इस कमरे की छत से मलबा नीचे गिर रहा है। दीवारों पर भी दरारें दिखाई दे रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। संभावित हादसे से बचने के लिए शिक्षकों ने बच्चों को दूसरे कमरे में भेज दिया है।

पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर

कक्षा-कक्ष बदले जाने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में उपलब्ध कमरों के बीच व्यवस्था बनाकर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जर्जर भवन की मरम्मत या दूसरे स्थायी इंतजाम को लेकर अभी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

पूर्व सैनिक और सामाजिक कार्यकर्ता कमल नेगी ने विद्यालय की स्थिति का वीडियो बनाकर शासन-प्रशासन तक मामला पहुंचाया है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत बताई है।

ग्राम प्रधान ने शिक्षा विभाग से जल्द कदम उठाने की मांग की है। उनके अनुसार, विद्यालय की समस्या पहले जिला योजना के सामने भी रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।

निष्कर्ष

नलईखाल कॉलेज के जर्जर कक्षा-कक्ष के कारण छात्रों को दूसरे कमरे में पढ़ाया जा रहा है। अब शिक्षा विभाग से भवन की स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. राजकीय इंटर कॉलेज नलईखाल कहां स्थित है?

यह विद्यालय पौड़ी जिले के कल्जीखाल विकासखंड में स्थित है।

Q. कक्षा-कक्ष में क्या समस्या है?

छत से मलबा गिर रहा है और दीवारों में दरारें आ गई हैं।

Q. छात्रों की कक्षाएं कहां कराई जा रही हैं?

खतरे को देखते हुए शिक्षकों ने कक्षाएं दूसरे कमरे में कर दी हैं।

Q. मामले की जानकारी शासन-प्रशासन तक किसने पहुंचाई?

पूर्व सैनिक और सामाजिक कार्यकर्ता कमल नेगी ने विद्यालय की स्थिति का वीडियो बनाकर जानकारी दी है।

Q. ग्राम प्रधान ने क्या मांग की है?

उन्होंने शिक्षा विभाग से जर्जर कक्षा-कक्ष के मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।