चकराता क्षेत्र के दूरस्थ पर्वतीय स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं की स्थिति जांचने के लिए बुधवार को औचक निरीक्षण किया गया। सीएचसी चकराता के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन तोमर ने क्वांसी, मानथात और बरौंथा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ लाखामंडल उपकेंद्र का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान ओपीडी से जुड़े विवरण, कर्मचारियों की उपस्थिति और दवा स्टॉक रजिस्टर की जांच की गई। स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित अभिलेख भी देखे गए। डॉ. तोमर ने सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर जोर
क्वांसी में आशा कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक के दौरान मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा हुई। संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
चिकित्सा अधीक्षक ने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि दूरस्थ इलाकों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचना चाहिए। उन्होंने केंद्रों में साफ-सफाई, काम करने के बेहतर तरीके और व्यवस्थाओं में सुधार पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के समय चीफ फार्मेसी अधिकारी मनोज नेगी, एनएमएस कृपाराम शर्मा, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अश्वनी कुमार, ब्लॉक समन्वयक महावीर सिंह राणा, डॉ. अशोक, विक्रम शाह और गंभीर सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्रों के रिकॉर्ड, दवा भंडार और जरूरी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर ध्यान दिया गया। अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता और रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश मिले।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. निरीक्षण किन स्वास्थ्य केंद्रों में हुआ?
क्वांसी, मानथात और बरौंथा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा लाखामंडल उपकेंद्र का निरीक्षण किया गया।
Q. निरीक्षण किस अधिकारी ने किया?
सीएचसी चकराता के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन तोमर ने निरीक्षण किया।
Q. किन रिकॉर्ड की जांच हुई?
ओपीडी, कर्मचारियों की उपस्थिति, दवा स्टॉक और स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े अभिलेख देखे गए।
Q. क्वांसी में किस बैठक की समीक्षा हुई?
क्वांसी में आशा कार्यकर्ताओं की मासिक समीक्षा बैठक हुई।
Q. बैठक में किन स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा हुई?
मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा हुई।
Q. स्वास्थ्यकर्मियों को क्या निर्देश दिए गए?
उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने को कहा गया। रिकॉर्ड अपडेट, स्वच्छता और व्यवस्थाओं में सुधार पर भी जोर दिया गया।







