उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान चार्टर हेलिकॉप्टर सेवाओं पर अनिश्चितता बढ़ गई है। डीजीसीए और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत हर उड़ान में 2 पायलट अनिवार्य करने समेत कई नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

हेली ऑपरेटर एसोसिएशन ने इन प्रावधानों पर आपत्ति जताई है। ऑपरेटरों ने 31 अक्टूबर को डीजीसीए को सामूहिक पत्र भेजकर कहा कि 2 पायलट रखने से पायलटों की नियुक्ति, ठहरने और अन्य लॉजिस्टिक खर्च बढ़ेंगे। उनका कहना है कि मौजूदा किराए पर चार्टर सेवाएं चलाना आर्थिक रूप से संभव नहीं रहेगा।

ऑपरेटरों ने पत्र में विमानन सुरक्षा और डीजीसीए के नियमों के पालन की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित उड़ान के लिए पहले भी संसाधन लगाए गए हैं। हालांकि, नए नियम लागू करने से पहले उनसे पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। एसोसिएशन ने सुरक्षा प्रावधानों को व्यावहारिक और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने की मांग की है।

2 नवंबर से सेवा रोकने का प्रस्ताव

एसोसिएशन ने साफ किया है कि मौजूदा स्वरूप में 2 पायलटों की अनिवार्यता स्वीकार नहीं है। इसी वजह से सभी 11 ऑपरेटरों ने 2 नवंबर से चारधाम चार्टर सेवाओं का संचालन स्थगित करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने डीजीसीए और यूकाडा से जल्द बैठक कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मांग की है।

नए दिशा-निर्देशों में उड़ान की अनुमति लेने की प्रक्रिया भी सख्त की गई है। चार्टर हेलिकॉप्टर ऑपरेटरों को उड़ान भरने से पहले सहस्रधारा में तैनात यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशंस से गंतव्य की मंजूरी लेनी होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य हेलिकॉप्टरों की आवाजाही पर निगरानी रखना और उड़ानों को तय व्यवस्था के तहत संचालित करना है।

हादसे के बाद सुरक्षा पर बढ़ा ध्यान

सुरक्षा नियमों को लेकर यह विवाद चमोली के ज्योतिर्मठ में हुए हेलिकॉप्टर हादसे के बाद सामने आया है। शुक्रवार को बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में पायलट समेत 6 लोगों की मौत हुई थी।

38 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार सुबह सभी शव बरामद किए गए। इसके बाद शाम को शव एम्स ऋषिकेश से देहरादून एयरपोर्ट लाए गए और इंडिगो की फ्लाइट से उनके घर भेजे गए।

हेलिकॉप्टर ने शुक्रवार दोपहर करीब एक:14 बजे बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान उसका संपर्क टूट गया था। हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जांच के निर्देश दिए हैं।

केंद्र सरकार के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच उत्तराखंड में 13 हेलिकॉप्टर हादसे हुए हैं। इन हादसों में 27 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में नए सुरक्षा नियमों और उनके संचालन पर सहमति बनाना चारधाम हेलिकॉप्टर सेवाओं के लिए अहम हो गया है।

निष्कर्ष

चारधाम चार्टर सेवाओं के 11 ऑपरेटरों ने 2 पायलट अनिवार्य करने के विरोध में 2 नवंबर से संचालन रोकने का प्रस्ताव दिया है। अब डीजीसीए और यूकाडा के साथ होने वाली बातचीत से आगे की व्यवस्था तय होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चारधाम हेलिकॉप्टर सेवाओं को लेकर विवाद किस बात पर है?

डीजीसीए और यूकाडा के दिशा-निर्देशों में हर चार्टर उड़ान में 2 पायलट अनिवार्य किए गए हैं। ऑपरेटरों ने इस प्रावधान पर आपत्ति जताई है।

Q. ऑपरेटरों ने क्या प्रस्ताव दिया है?

सभी 11 ऑपरेटरों ने 2 नवंबर से चारधाम चार्टर सेवाओं का संचालन स्थगित करने का प्रस्ताव दिया है।

Q. ऑपरेटर 2 पायलटों की अनिवार्यता का विरोध क्यों कर रहे हैं?

उनका कहना है कि इससे पायलटों की नियुक्ति, ठहरने और अन्य लॉजिस्टिक खर्च बढ़ेंगे। मौजूदा किराए पर सेवा चलाना आर्थिक रूप से मुश्किल होगा।

Q. नए दिशा-निर्देशों में उड़ान अनुमति को लेकर क्या व्यवस्था है?

उड़ान से पहले ऑपरेटरों को सहस्रधारा में तैनात यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशंस से गंतव्य की मंजूरी लेनी होगी।

Q. हालिया हेलिकॉप्टर हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

चमोली के ज्योतिर्मठ में हुए हादसे में पायलट समेत 6 लोगों की मौत हुई थी।

Q. हादसे की जांच कौन कर रहा है?

हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जांच के निर्देश दिए हैं।