चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में शुक्रवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे के बाद 38 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार सुबह पूरा हो गया। हादसे में मारे गए सभी 6 लोगों के शव घटनास्थल से बाहर निकाल लिए गए हैं। आखिरी शव सुबह 4:40 AM सड़क तक पहुंचाया गया।

शवों को पोस्टमॉर्टम और कानूनी औपचारिकताओं के लिए हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेजने की तैयारी है। दुर्घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी और घने जंगल के बीच था। वहां से शवों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस, जिला प्रशासन और सेना की टीमों ने मिलकर काम किया।

रेस्क्यू टीमों ने शवों को घटनास्थल से तोली नाला के पास सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से ज्योतिर्मठ लाया गया।

हादसे की जांच में मौसम और उड़ान परिस्थितियों पर फोकस

हादसे की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम हेलिकॉप्टर के मलबे के अधिक से अधिक हिस्से जुटा रही है, ताकि दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों और हादसे के क्रम को समझा जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स अभी नहीं मिला है। हेलिकॉप्टर का ज्यादातर हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उसका पिछला हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित बचा है।

चमोली जिला प्रशासन की शुरुआती एक्शन टेकन रिपोर्ट में कहा गया है कि हेलिकॉप्टर हाथी पर्वत क्षेत्र में खराब मौसम की चपेट में आया। रिपोर्ट के अनुसार, कम ऊंचाई पर उतरते समय हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि, हादसे की जांच में स्थानीय मौसम में अचानक बदलाव और दूसरी संभावित वजहों को भी देखा जा रहा है।

मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को चमोली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इसमें कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। अधिकारियों ने आसपास उड़ान भरने वाले पायलटों से भी बातचीत शुरू की है।

हादसे से पहले और बाद की उड़ानों की जानकारी जुटाई जा रही

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन का दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर हादसे से पहले देहरादून से बद्रीनाथ की उड़ान पूरी कर चुका था। उसने दोपहर 12:20 PM देहरादून से उड़ान भरी और एक:11 बजे बद्रीनाथ पहुंचा। वहां 5 यात्रियों को लेकर वह देहरादून लौट रहा था, लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से पहले बद्रीनाथ से 2 हेलिकॉप्टर उड़ान भर चुके थे। दोनों सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे। दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने के बाद भी 2 अन्य हेलिकॉप्टर रवाना हुए। इनमें एक 8 मिनट बाद और दूसरा करीब एक घंटे बाद उड़ा। दोनों सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे।

चार्टर हेलिकॉप्टर उड़ानों में को-पायलट जरूरी

हादसे के बाद डीजीसीए ने चार्टर हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए नया नियम लागू किया है। सीजन की बाकी अवधि में ऐसी उड़ानों में को-पायलट रखना अनिवार्य होगा। अब सिंगल पायलट के साथ चार्टर हेलिकॉप्टर उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) के सीईओ प्रतीक जैन के मुताबिक, हर चार्टर उड़ान के बाद पायलट को एक रिपोर्ट देनी होगी। इसमें रास्ते के मौसम और उड़ान से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसका उद्देश्य अगली उड़ान भरने वाले पायलट को रास्ते की परिस्थितियों की जानकारी देना है।

हेलिकॉप्टर में कौन सवार था

हेलिकॉप्टर में दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल और कर्नाटक के 5 श्रद्धालु सवार थे। श्रद्धालु गुरुवार को बद्रीनाथ धाम में दर्शन के बाद देश के प्रथम गांव माणा गए थे। वे उसी दिन देहरादून लौटना चाहते थे, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर सेवा बंद थी।

हेली सेवा से जुड़े एक कर्मचारी के अनुसार, श्रद्धालुओं का हेलिकॉप्टर गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बद्रीनाथ पहुंचा था। दर्शन के बाद उन्होंने आसपास का इलाका देखने की इच्छा जताई। लौटने पर उन्होंने उसी दिन वापसी के बारे में पूछा, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उड़ान नहीं हो सकी।

शुक्रवार को मौसम में कुछ सुधार के बाद हेलिकॉप्टर ने बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपोर्ट के लिए उड़ान भरी। दोपहर करीब 2 बजे उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। दोपहर 2:24 AM एसडीआरएफ की टीमें जोशीमठ और पांडुकेश्वर से रवाना हुईं। शाम करीब 3 बजे चाई गांव के पास पहाड़ी पर मलबा मिला। शाम 5 बजे सभी 6 लोगों की मौत की पुष्टि की गई।

निष्कर्ष

चमोली हेलिकॉप्टर हादसे में सभी 6 शव निकाल लिए गए हैं और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेजने की तैयारी है। AAIB की जांच मलबे, ब्लैक बॉक्स और मौसम संबंधी परिस्थितियों पर केंद्रित है। इस बीच चार्टर उड़ानों में को-पायलट अनिवार्य कर दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चमोली हेलिकॉप्टर हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

हादसे में हेलिकॉप्टर सवार सभी 6 लोगों की मौत हुई। इनमें पायलट और कर्नाटक के 5 श्रद्धालु शामिल थे।

Q. रेस्क्यू ऑपरेशन कब पूरा हुआ?

38 घंटे चले ऑपरेशन के बाद रविवार सुबह सभी शव घटनास्थल से बाहर निकाल लिए गए। आखिरी शव सुबह 4:40 AM सड़क तक पहुंचाया गया।

Q. शवों को कहां भेजने की तैयारी है?

शवों को पोस्टमॉर्टम और कानूनी औपचारिकताओं के लिए एम्स ऋषिकेश भेजने की तैयारी है।

Q. हादसे की जांच कौन कर रहा है?

हादसे की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम मौके पर पहुंची है।

Q. क्या हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स मिला है?

अधिकारियों के मुताबिक, ब्लैक बॉक्स अभी नहीं मिला है। हेलिकॉप्टर का ज्यादातर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है।

Q. हादसे के बाद चार्टर उड़ानों के लिए क्या नियम बदला है?

सीजन की बाकी अवधि में चार्टर हेलिकॉप्टर उड़ानों में को-पायलट रखना अनिवार्य किया गया है। सिंगल पायलट के साथ ऐसी उड़ान की अनुमति नहीं होगी।