चमोली जिले के कर्णप्रयाग ब्लॉक की तेफना ग्राम पंचायत में रविवार को जंगल में घास काटने गई 36 वर्षीय सावित्री देवी की हादसे में मौत हो गई। वह गांव की 2 अन्य महिलाओं के साथ जंगल पहुंची थीं।
तीनों महिलाएं अलग-अलग जगह घास काट रही थीं। इसी दौरान सावित्री देवी का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में जा गिरीं। साथ गई महिलाओं को जब वह काफी देर तक दिखाई नहीं दीं, तो उन्होंने आसपास तलाश शुरू की।
ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना
काफी खोजबीन के बाद भी सावित्री देवी का पता नहीं चला। इसके बाद महिलाओं ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने तलाश जारी रखने के साथ नंदप्रयाग पुलिस को भी सूचना दी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से गहरी खाई में खोज अभियान चलाया गया। काफी प्रयास के बाद सावित्री देवी वहां मिलीं, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
सावित्री देवी तेफना गांव निवासी दरवान सिंह की पत्नी थीं। पुलिस और ग्रामीणों ने शव को खाई से बाहर निकाला। इसके बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई और शव परिवार को सौंप दिया गया।
निष्कर्ष
तेफना ग्राम पंचायत में घास काटने के दौरान पैर फिसलने से सावित्री देवी गहरी खाई में गिर गईं। नंदप्रयाग पुलिस और ग्रामीणों ने शव बरामद कर जरूरी कार्रवाई के बाद उसे परिवार को सौंप दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हादसा कहां हुआ?
यह हादसा चमोली जिले के कर्णप्रयाग ब्लॉक की तेफना ग्राम पंचायत के जंगल में हुआ।
Q. मृतका की पहचान क्या है?
मृतका की पहचान 36 वर्षीय सावित्री देवी के रूप में हुई है। वह तेफना गांव निवासी दरवान सिंह की पत्नी थीं।
Q. सावित्री देवी जंगल क्यों गई थीं?
वह गांव की 2 अन्य महिलाओं के साथ घास काटने गई थीं।
Q. हादसे के बाद क्या हुआ?
साथ गई महिलाओं ने तलाश के बाद ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद खोजबीन की गई।
Q. शव किसने बरामद किया?
नंदप्रयाग पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से गहरी खाई से शव बाहर निकाला। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।









