बद्रीनाथ मंदिर परिसर में चमोली पुलिस ने श्रद्धालुओं से जुड़े 2 मामलों में मदद की। पुलिस ने CCTV की सहायता से इंदौर निवासी महिला श्रद्धालु का खोया मोबाइल बरामद किया और उसे वापस लौटा दिया।

इसी दौरान मंदिर परिसर से 08 वर्षीय रियांश अपने परिजनों से अलग हो गया था। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित कंट्रोल रूम पहुंचाया। इसके बाद अनाउंसमेंट कर उसके परिजनों तक जानकारी पहुंचाई गई।

श्रद्धालुओं की मदद के लिए कार्रवाई

मोबाइल बरामद करने में CCTV की मदद ली गई। इससे पुलिस को खोए फोन का पता लगाने में सहायता मिली और वह इंदौर निवासी महिला श्रद्धालु को लौटाया जा सका।

बच्चे के मामले में पुलिस ने उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के बाद अनाउंसमेंट का सहारा लिया। इसी प्रक्रिया के जरिए रियांश को उसके परिजनों से मिलाया गया।

इन दोनों मामलों में चमोली पुलिस की भूमिका श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता देने की रही। एक मामले में सामान वापस मिला, जबकि दूसरे में परिवार से बिछड़ा बच्चा सुरक्षित परिजनों तक पहुंचा।

निष्कर्ष

बद्रीनाथ मंदिर परिसर में पुलिस ने CCTV और अनाउंसमेंट की मदद से श्रद्धालुओं से जुड़े दोनों मामलों का समाधान किया। महिला को मोबाइल लौटाया गया और 08 वर्षीय रियांश को उसके परिजनों से मिलाया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मोबाइल किसकी मदद से बरामद हुआ?

CCTV की मदद से मोबाइल बरामद किया गया।

Q. मोबाइल किसे लौटाया गया?

मोबाइल इंदौर निवासी महिला श्रद्धालु को लौटाया गया।

Q. रियांश की उम्र कितनी है?

रियांश 08 वर्षीय बच्चा है।

Q. रियांश को पुलिस ने कहां पहुंचाया?

पुलिस उसे सुरक्षित कंट्रोल रूम पहुंचाकर लाई।

Q. रियांश अपने परिजनों से कैसे मिला?

अनाउंसमेंट के जरिए उसके परिजनों को जानकारी दी गई और उसे उनसे मिलाया गया।