देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को चकराता विधानसभा क्षेत्र से करीब 60 कार्यकर्ता पार्टी में शामिल होने पहुंचे। हालांकि, मंत्री खजान दास के विरोध के बाद उनका जॉइनिंग कार्यक्रम नहीं हो सका और सभी कार्यकर्ताओं को वापस लौटना पड़ा।
इन कार्यकर्ताओं को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और दर्जाधारी गीता राम गोड लेकर पहुंचे थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पार्टी के भीतर इसका विरोध सामने आ गया।
मंत्री के पहुंचने के बाद बदला घटनाक्रम
कार्यकर्ताओं के प्रदेश कार्यालय आने की जानकारी मिलने पर मंत्री खजान दास खुद वहां पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित जॉइनिंग पर आपत्ति जताई। इसके बाद पार्टी ने कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ाया।
रविवार को भी चकराता विधानसभा क्षेत्र में योजनाओं से जुड़े मामलों को लेकर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने योजनाओं में उनकी अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रविवार के प्रदर्शन में शामिल रहे यही नेता और कार्यकर्ता सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। जॉइनिंग नहीं होने के बाद सभी लोग वहां से लौट गए।
चकराता में पार्टी के भीतर नाराजगी
घटनाक्रम से साफ है कि चकराता विधानसभा क्षेत्र में योजनाओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब पार्टी के कार्यक्रमों तक पहुंच गई है। हालांकि, इस मामले में जॉइनिंग रोकने के बाद पार्टी की ओर से कोई अलग आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।
निष्कर्ष
चकराता के करीब 60 कार्यकर्ताओं की भाजपा में प्रस्तावित जॉइनिंग मंत्री खजान दास के विरोध के बाद नहीं हो सकी। रविवार के प्रदर्शन के बाद सामने आया यह घटनाक्रम क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दिखाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चकराता के कितने कार्यकर्ता भाजपा में शामिल होने पहुंचे थे?
चकराता विधानसभा क्षेत्र से करीब 60 कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे।
Q. जॉइनिंग कार्यक्रम क्यों नहीं हो सका?
मंत्री खजान दास ने कार्यक्रम का विरोध किया। इसके बाद पार्टी ने जॉइनिंग आगे नहीं बढ़ाई।
Q. कार्यकर्ताओं को कौन लेकर देहरादून पहुंचा था?
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और दर्जाधारी गीता राम गोड कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे थे।
Q. रविवार को चकराता में क्या हुआ था?
रविवार को योजनाओं में कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन हुआ था।
Q. जॉइनिंग नहीं होने के बाद क्या हुआ?
कार्यकर्ता बिना शामिल हुए प्रदेश कार्यालय से वापस लौट गए।








