बागेश्वर में प्राथमिक शिक्षा विभाग की हालिया तबादला प्रक्रिया को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। प्रभावित शिक्षकों का आरोप है कि प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और कई स्कूलों के विकल्प आवेदन के समय पोर्टल पर उपलब्ध नहीं रहे। मामले की जांच अब तक पूरी न होने से शिकायतकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
शिक्षकों के अनुसार, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और जिलाधिकारी अपूर्वा पांडेय ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिलाधिकारी स्तर पर अंतिम कार्रवाई और मुख्य शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
पोर्टल और श्रेणीवार चयन पर शिकायत
प्रभावित शिक्षकों ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय गवाड़, पंद्रहपाली और द्यांगण का नाम सार्वजनिक रिक्त सूची में होने के बावजूद आवेदन के दौरान पोर्टल से हटाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे इन स्कूलों के लिए विकल्प चुनने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
शिकायत में पति-पत्नी श्रेणी के आवेदकों और गंभीर बीमारी या दिव्यांगता श्रेणी के वरिष्ठ शिक्षकों को लाभ नहीं मिलने की बात भी कही गई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि इन श्रेणियों के लोगों की अनदेखी कर पसंदीदा आवेदकों को फायदा पहुंचाया गया। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच में देरी के बीच प्रभावित शिक्षकों ने शिक्षा विभाग को दूसरा स्मरण पत्र दिया है। उनका कहना है कि पहले पत्र के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। लंबे समय तक रिपोर्ट और कार्रवाई नहीं होने से वे जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
विभाग ने जल्द निस्तारण का भरोसा दिया
विद्यालयी शिक्षा उत्तराखंड की सचिव ज्योति यादव ने कहा है कि तबादलों में कथित अनियमितताओं और पोर्टल से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। उनके अनुसार, निष्पक्ष सुनवाई के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी, बागेश्वर को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
सचिव ने नियमानुसार जांच पूरी कराने और प्रभावित शिक्षकों की समस्याओं का जल्द निस्तारण करने की बात कही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच का अंतिम नतीजा और विभागीय कार्रवाई अभी सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष
बागेश्वर में शिक्षक तबादलों से जुड़ी शिकायतों पर जांच लंबित है। अब विभाग के सामने प्रभावित शिक्षकों के स्मरण पत्र पर जवाब देने और जांच का निष्कर्ष स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बागेश्वर में विवाद किस प्रक्रिया को लेकर है?
प्राथमिक शिक्षा विभाग की शिक्षक तबादला प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इनमें पोर्टल और चयन प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताएं शामिल हैं।
Q. जांच के निर्देश किसे दिए गए थे?
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और जिलाधिकारी अपूर्वा पांडेय के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच करनी थी।
Q. निर्देश जारी होने के बाद कितना समय बीत चुका है?
जांच के निर्देश दिए जाने के बाद 13 दिन बीत चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अंतिम कार्रवाई और जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
Q. शिक्षकों ने किन स्कूलों का उल्लेख किया है?
शिकायत में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गवाड़, पंद्रहपाली और द्यांगण का उल्लेख किया गया है।
Q. प्रभावित शिक्षकों ने अब क्या किया है?
उन्होंने शिक्षा विभाग को दूसरा स्मरण पत्र सौंपा है। इसके जरिए शिकायतों पर जवाब और जल्द निस्तारण की मांग की गई है।
Q. विभाग की ओर से क्या आश्वासन दिया गया है?
सचिव ज्योति यादव ने निष्पक्ष सुनवाई, नियमानुसार जांच और प्रभावित शिक्षकों की समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।








