बागेश्वर के पंडित बीडी पांडेय परिसर में छात्रसंघ चुनाव से पहले अध्यक्ष पद के नामांकन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राहुल कुमार का पर्चा निरस्त किए जाने के विरोध में शनिवार को एनएसयूआई समेत विभिन्न पदों के प्रत्याशी परिसर में जुटे और नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी प्रत्याशियों ने परिसर निदेशक और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन दिया। उनका आरोप है कि 24 सितंबर को सत्ता के दबाव में राहुल कुमार का नामांकन गलत तरीके से खारिज किया गया। उन्होंने पूरी नामांकन प्रक्रिया नए सिरे से कराने की मांग रखी।
प्रत्याशियों ने कहा कि सभी उम्मीदवारों को बराबर मौका नहीं मिला तो वे मिलकर चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने वालों में उपाध्यक्ष प्रत्याशी गजेंद्र साह, बबीता आर्या, सचिव प्रत्याशी अखिल परिहार, कोषाध्यक्ष मोनिका और सह सचिव प्रत्याशी प्रिया भंडारी शामिल रहे। नेहा दानू, अनामिका, नीरज, ललित कुमार, कपिल, रिया, कोमल और विजय ने भी ज्ञापन सौंपा।
आमसभा में गहमागहमी और पुलिस की मौजूदगी
शनिवार को परिसर में छात्रसंघ चुनाव की आमसभा भी हुई। यहां एनएसयूआई और एबीवीपी से जुड़े छात्र नेताओं के बीच तीखी बहस की स्थिति बनी। माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। आमसभा में प्रत्याशियों ने छात्र-छात्राओं से समर्थन मांगते हुए कई वादे किए।
इसी दौरान एनएसयूआई के यूआर प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद का नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ परिसर प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाए। नामांकन जांच अधिकारी डॉ. शिव प्रकाश राय ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद सभी नामांकन सही पाए गए हैं।
29 को 6 प्रमुख पदों के लिए मतदान
मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. अवधेश तिवारी के अनुसार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष (छात्रा), सचिव, सह-सचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर 2-2 प्रत्याशियों के पर्चे सही पाए गए हैं। इन 6 पदों के लिए 29 को मतदान कराया जाएगा।
कोषाध्यक्ष पद पर अंजलि बिष्ट और सांस्कृतिक सचिव पद पर सुनीता आर्य का एक-एक नामांकन मिला था। दोनों पर्चे वैध पाए जाने के बाद इन पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय माना गया है। प्राचार्य डॉ. डीएन तिवारी ने चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किए जाने की बात कही।
नामांकन विवाद पर अलग दावा
राहुल कुमार के पर्चे को लेकर उठे विवाद पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सौरभ जोशी ने शनिवार को प्रेसवार्ता की। उन्होंने एनएसयूआई की ओर से शासन-प्रशासन और एबीवीपी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
सौरभ जोशी का कहना है कि राहुल कुमार का नामांकन किसी प्रशासनिक या राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि गलत जानकारी दिए जाने के कारण रद्द हुआ। प्रेसवार्ता में बबलू मेहरा, करन गाढि़या, शिवानी परिहार और बंटी कुमार मौजूद रहे।
निष्कर्ष
परिसर में नामांकन रद्द होने का विवाद अभी बना हुआ है। छात्र संगठनों की बहिष्कार चेतावनी के बीच 6 प्रमुख पदों पर 29 को मतदान होना है, जबकि 2 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. छात्रसंघ चुनाव का विवाद किस मुद्दे पर है?
राहुल कुमार का अध्यक्ष पद का नामांकन निरस्त होने के बाद विवाद शुरू हुआ। छात्र प्रत्याशियों ने इसे गलत कार्रवाई बताया है।
Q. प्रदर्शनकारी प्रत्याशियों ने क्या मांग की?
उन्होंने नामांकन प्रक्रिया नए सिरे से शुरू कराने और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर देने की मांग की।
Q. चुनाव बहिष्कार की चेतावनी किस स्थिति में दी गई?
प्रत्याशियों ने कहा कि बराबर मौका नहीं मिलने पर वे सामूहिक रूप से चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
Q. 6 प्रमुख पदों पर मतदान कब होगा?
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष (छात्रा), सचिव, सह-सचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पदों के लिए 29 को मतदान होगा।
Q. किन पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय है?
कोषाध्यक्ष पद पर अंजलि बिष्ट और सांस्कृतिक सचिव पद पर सुनीता आर्य का निर्विरोध निर्वाचन तय है।
Q. राहुल कुमार का नामांकन रद्द होने की वजह पर क्या अलग दावा सामने आया?
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सौरभ जोशी ने कहा कि नामांकन गलत जानकारी दिए जाने के कारण रद्द हुआ, किसी दबाव के चलते नहीं।









