बदरीनाथ घाटी में हेलिकॉप्टर हादसे के बाद हवाई सेवाओं के संचालन और मौसम संबंधी नियमों के पालन पर सवाल उठे हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) का कहना है कि हादसे से करीब एक घंटे पहले चारधाम रूट पर सभी उड़ानें रोकने का आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद हेलिकॉप्टर का संचालन हुआ।
UCADA के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय टोलिया ने बताया कि शुक्रवार को खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए उड़ानें रोकने का फैसला लिया गया था। यह आदेश प्राधिकरण के हेड ऑफ ऑपरेशंस ग्रुप कैप्टन अमित शर्मा (रिटायर्ड) ने जारी किया था। UCADA ने आरोप लगाया कि ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने इसके बाद भी हेलिकॉप्टर उड़ाया।
टोलिया के अनुसार, UCADA हेलिकॉप्टर संचालन में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों का पालन करता है। अब यह जांच की जा रही है कि उड़ान रोकने के आदेश की अनदेखी किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।
कंपनी ने आदेश की जानकारी से इनकार किया
UCADA के आरोपों पर ट्रांस भारत एविएशन के डायरेक्टर (फ्लाइट ऑपरेशंस) एस. भट्टाचार्य ने कहा कि वह दिल्ली में हैं और उन्हें ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच चल रही है। उनके अनुसार, इस संबंध में जानकारी UCADA ही दे सकता है।
इस तरह फिलहाल आदेश जारी होने का दावा UCADA की ओर से है, जबकि कंपनी ने कहा है कि उसे आदेश की जानकारी नहीं थी। जांच में इसी बिंदु के साथ उड़ान संचालन और नियमों के संभावित उल्लंघन की भी पड़ताल की जाएगी।
AAIB और DGCA की टीमें जांच में जुटीं
हादसे की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और DGCA के अधिकारियों की टीम उत्तराखंड पहुंच चुकी है। दोनों संस्थानों से जुड़े अधिकारी हादसे की जगह पर जांच कर रहे हैं। UCADA के मुताबिक, जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में उड़ान रोकने के आदेश की कथित अनदेखी और DGCA के नियमों के संभावित उल्लंघन से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है। अभी किसी जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
रेस्क्यू टीम 8 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची
बदरीनाथ के पास हुए हादसे में पायलट समेत कर्नाटक के 5 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। शनिवार सुबह सेना, ITBP, SDRF और NDRF की टीमों ने घटनास्थल पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के मुताबिक, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में टीमों ने करीब 8 किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर घटनास्थल तक पहुंच बनाई। मृतकों के पार्थिव शरीर पहले गोविंदघाट और उसके बाद देहरादून लाए जाने थे। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया होनी थी।
निष्कर्ष
बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसे में UCADA ने ऑरेंज अलर्ट के दौरान उड़ान रोकने के आदेश की अनदेखी का आरोप लगाया है, जबकि कंपनी ने आदेश की जानकारी से इनकार किया है। AAIB और DGCA की जांच से संचालन और नियमों से जुड़े सवालों पर आगे स्थिति स्पष्ट होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसे में UCADA ने क्या आरोप लगाया?
UCADA का आरोप है कि चारधाम रूट पर उड़ान रोकने का आदेश जारी होने के बावजूद ट्रांस भारत एविएशन ने हेलिकॉप्टर संचालित किया।
Q. उड़ान रोकने का आदेश किसने जारी किया था?
UCADA के अनुसार, यह आदेश प्राधिकरण के हेड ऑफ ऑपरेशंस ग्रुप कैप्टन अमित शर्मा (रिटायर्ड) ने जारी किया था।
Q. कंपनी ने UCADA के आरोप पर क्या कहा?
ट्रांस भारत एविएशन के डायरेक्टर (फ्लाइट ऑपरेशंस) एस. भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं थी।
Q. हादसे की जांच कौन कर रहा है?
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और DGCA के अधिकारियों की टीमें हादसे की जांच कर रही हैं।
Q. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
हादसे में पायलट समेत कर्नाटक के 5 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।
Q. रेस्क्यू टीम घटनास्थल तक कैसे पहुंची?
चमोली के जिलाधिकारी के अनुसार, टीम करीब 8 किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर दुर्गम घटनास्थल तक पहुंची।









