अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर धाम में जिला प्रशासन ने स्वच्छता अभियान चलाकर मंदिर परिसर की सफाई कराई। इस पहल का उद्देश्य धाम में साफ-सफाई बनाए रखना और श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक करना रहा।
अभियान का संचालन एसडीएम सौम्या गर्ब्याल और तहसीलदार ज्योति धपवाल के नेतृत्व में हुआ। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्यावरण मित्रों ने भी हिस्सा लिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के दैनिक कर्मचारी भी सफाई कार्य में शामिल रहे।
इन कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
सफाई अभियान के दौरान राजस्व निरीक्षक षष्ठी दत्त बहुगुणा, लेखाकार मोहित भट्ट और राजस्व उपनिरीक्षक सुरेश अंडोला मौजूद रहे। इनके अलावा राहुल रावत, खीम सिंह नेगी, एमटीएस हरीश नेगी और मुकेश सुनाल ने भी अभियान में भाग लिया।
प्रशासन के अनुसार, धाम परिसर को स्वच्छ रखने के साथ लोगों को साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताया गया। जागेश्वर धाम अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान के कारण महत्वपूर्ण स्थल है, इसलिए यहां स्वच्छता बनाए रखना अभियान का प्रमुख उद्देश्य रहा।
निष्कर्ष
जागेश्वर धाम में चलाए गए अभियान के जरिए परिसर की सफाई के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इसमें जिला प्रशासन, पर्यावरण मित्रों और एएसआई के दैनिक कर्मचारियों ने मिलकर काम किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जागेश्वर धाम में सफाई अभियान क्यों चलाया गया?
धाम परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया।
Q. अभियान का नेतृत्व किसने किया?
अभियान का नेतृत्व एसडीएम सौम्या गर्ब्याल और तहसीलदार ज्योति धपवाल ने किया।
Q. सफाई अभियान में कौन-कौन शामिल रहे?
प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी, पर्यावरण मित्र और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दैनिक कर्मचारी अभियान में शामिल रहे।
Q. अभियान में किन कर्मचारियों की मौजूदगी रही?
राजस्व निरीक्षक षष्ठी दत्त बहुगुणा, लेखाकार मोहित भट्ट, राजस्व उपनिरीक्षक सुरेश अंडोला समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
Q. अभियान से लोगों को क्या संदेश दिया गया?
अभियान के माध्यम से लोगों को धाम परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और साफ-सफाई के प्रति सजग रहने के लिए जागरूक किया गया।






