अल्मोड़ा जिले में शुक्रवार रात से शुरू हुई तेज बारिश शनिवार देर शाम तक जारी रही। लगातार पानी बरसने से जिले के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और लोग घरों में रहने को मजबूर रहे।
कोसी, रामगंगा, विनोद और सुयाल नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ नदियां उफान पर आ गईं। स्थानीय नाले और गधेरे भी तेज बहाव के कारण जोखिम भरे हो गए। बारिश का असर जिला मुख्यालय के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई दिया।
सड़क संपर्क पर असर
आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार, भूस्खलन और सड़कों पर मलबा जमा होने से ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले 2 मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद रहे। मार्ग बंद होने के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट गया।
लगातार बारिश के बीच तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम खराब रहने से बाजारों में भी पूरे दिन कम आवाजाही रही और कई जगह सन्नाटा नजर आया।
जिला प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने और बारिश के दौरान सतर्क रहने को कहा है। नदी, नाले और भूस्खलन वाले इलाकों में आवाजाही को लेकर विशेष सावधानी की अपील की गई है।
निष्कर्ष
अल्मोड़ा में लगातार बारिश से जलधाराएं उफान पर हैं और 2 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अल्मोड़ा में बारिश कब शुरू हुई?
बारिश शुक्रवार रात से शुरू हुई और शनिवार देर शाम तक जारी रही।
Q. बारिश से किन नदियों पर असर पड़ा?
कोसी, रामगंगा, विनोद और सुयाल नदियां उफान पर आ गईं।
Q. कितने मोटर मार्ग बंद रहे?
आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार, 2 मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद रहे।
Q. गांवों का संपर्क किससे कटा?
दर्जनों गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट गया।
Q. सड़कें बंद होने की वजह क्या थी?
भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने के कारण मार्ग बंद हुए।
Q. बारिश का बाजारों पर क्या असर पड़ा?
तापमान गिरने और लगातार बारिश के चलते बाजारों में पूरे दिन कम आवाजाही रही।
Q. प्रशासन ने लोगों से क्या अपील की है?
प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने और सतर्क रहने की अपील की है।










