ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में वेतन और बोनस के भुगतान को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों का विरोध सामने आया है। उपनल से जुड़े सुरक्षा कर्मियों ने 2 महीने से वेतन नहीं मिलने की बात कही है। वहीं, अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दिवाली से पहले इस महीने का वेतन नहीं मिला।

वेतन की मांग को लेकर सुरक्षा कर्मियों ने शुक्रवार सुबह एम्स के गेट नंबर 3 पर कुछ समय के लिए सांकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों के विरोध से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर असर पड़ने को लेकर सवाल उठे। बाद में एम्स प्रशासन से बातचीत के बाद सुरक्षा कर्मी काम पर लौट गए।

बोनस और भुगतान को लेकर विरोध

आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले 6 साल से मानदेय में बढ़ोतरी नहीं मिली है। उनका यह भी कहना है कि भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा। दिवाली के मौके पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों को धनतेरस और त्योहार के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

बीते बुधवार को आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने दिवाली बोनस की मांग को लेकर धरना दिया था। एम्स प्रशासन ने बोनस दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन बृहस्पतिवार दोपहर तक मांग पर कार्रवाई नहीं होने पर सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया।

इससे इमरजेंसी और ट्रॉमा विभाग की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके बाद एम्स प्रशासन ने कर्मचारियों को बोनस दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया। आउटसोर्स हॉस्पिटल अटेंडेंट स्टाफ को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भी बोनस की मांग शुरू कर दी। इन कर्मचारियों ने शुक्रवार से कार्य बहिष्कार किया, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर असर पड़ा।

कर्मचारियों के विरोध से सेवाओं पर असर

विरोध कर रहे कर्मचारियों की मांगें वेतन, समय पर भुगतान और दिवाली बोनस से जुड़ी हैं। कर्मचारियों के अनुसार, भुगतान में देरी और मानदेय में लंबे समय से बढ़ोतरी नहीं होने के कारण नाराजगी बढ़ रही है।

इस घटनाक्रम ने अस्पताल में प्रशासनिक समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारियों के विरोध के बीच किसी एक समूह की मांग पर कार्रवाई होने से दूसरे समूह में भी असंतोष पैदा होने की स्थिति बनी। इसका असर मरीजों और उनके तीमारदारों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।

खबर में यह भी सामने आया कि अक्तूबर में नर्सिंग स्टाफ 2 गुटों में बंट गया था और दोनों गुट लंबे समय तक हड़ताल पर रहे थे। उस दौरान कई गंभीर मरीजों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ा था। यह संदर्भ अस्पताल की सेवाओं पर कर्मचारियों के विरोध के असर को रेखांकित करता है।

एम्स प्रशासन का पक्ष

एम्स के पीआरओ डॉ. श्रीलॉय मोहंती ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की गई है और इसके बाद वे काम पर लौट गए। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान की सामान्य प्रक्रिया हर महीने के दूसरे सप्ताह में होती है।

प्रशासन की ओर से सफाई कर्मचारियों को बोनस दिए जाने का लिखित आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बोनस भुगतान की तारीख या लंबित वेतन जारी होने की निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।

निष्कर्ष

ऋषिकेश एम्स में सुरक्षा कर्मियों का 2 महीने का वेतन और अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों का इस महीने का भुगतान लंबित होने से नाराजगी बढ़ी। बोनस की मांग को लेकर सफाई और हॉस्पिटल अटेंडेंट स्टाफ के विरोध से अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुईं। एम्स प्रशासन ने बातचीत और लिखित आश्वासन के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ऋषिकेश एम्स में किस कर्मचारी समूह का वेतन लंबित है?

उपनल सुरक्षा कर्मियों ने 2 महीने से वेतन नहीं मिलने की बात कही है। अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को भी इस महीने का भुगतान नहीं मिला।

Q. सुरक्षा कर्मियों ने विरोध कहां किया?

सुरक्षा कर्मियों ने शुक्रवार सुबह एम्स के गेट नंबर 3 पर सांकेतिक धरना दिया।

Q. सुरक्षा कर्मी काम पर लौटे या नहीं?

एम्स के पीआरओ के अनुसार, प्रशासन से बातचीत के बाद सुरक्षा कर्मी काम पर लौट गए।

Q. आउटसोर्स कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या है?

कर्मचारी समय पर वेतन, लंबित भुगतान और दिवाली बोनस की मांग कर रहे हैं।

Q. कार्य बहिष्कार से कौन-सी सेवाएं प्रभावित हुईं?

सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से इमरजेंसी और ट्रॉमा विभाग की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। बाद में हॉस्पिटल अटेंडेंट स्टाफ के विरोध से भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर असर पड़ा।

Q. एम्स प्रशासन ने वेतन भुगतान की प्रक्रिया के बारे में क्या कहा?

पीआरओ डॉ. श्रीलॉय मोहंती ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान की सामान्य प्रक्रिया हर महीने के दूसरे सप्ताह में होती है।