अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया में 18 वर्षीय युवक के हाथ में बंदर भगाने वाली बंदूक का छर्रा फंस गया। टड़ियाल बाखली निवासी सौरभ को परिजन इलाज के लिए उपजिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने हाथ के भीतर छर्रा होने की पुष्टि की। इसके बाद चिकित्सा टीम ने उसे निकालने के लिए सर्जरी करने का फैसला लिया।

अस्पताल में हुई सर्जरी

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमजद खान के नेतृत्व में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रक्रिया पूरी की। टीम ने सौरभ के हाथ में फंसा छर्रा सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया।

चिकित्सकों के अनुसार, युवक को समय पर उपचार मिल गया। इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया गया है। उपलब्ध जानकारी में छर्रा लगने की परिस्थितियों का विस्तृत विवरण नहीं है।

निष्कर्ष

सौरभ को समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद सर्जरी से हाथ में फंसा छर्रा निकाल दिया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत में सुधार की जानकारी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. युवक के हाथ में क्या लगा था?

बंदर भगाने वाली बंदूक का छर्रा उसके हाथ में फंस गया था।

Q. घायल युवक की पहचान क्या है?

युवक का नाम सौरभ है और उसकी उम्र 18 वर्ष है। वह टड़ियाल बाखली का निवासी है।

Q. सौरभ को कहां ले जाया गया था?

परिजन उसे उपचार के लिए उपजिला चिकित्सालय चौखुटिया लेकर पहुंचे थे।

Q. अस्पताल में डॉक्टरों ने क्या किया?

जांच के बाद चिकित्सकों ने सर्जरी कर हाथ में फंसा छर्रा निकाल दिया।

Q. सौरभ की अब कैसी स्थिति है?

चिकित्सकों ने बताया कि समय पर उपचार मिलने के बाद उसकी स्थिति में सुधार है।