धारचूला (पिथौरागढ़) में टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ नाले में बना बैली ब्रिज बीते 16 दिन से यातायात बाधित था, क्योंकि भारी बारिश के कारण यह पुल ध्वस्त हो गया था और 6 घाटियों के बीच संपर्क भी टूट गया था। बीआरओ ने तत्काल वैकल्पिक मार्ग क्रम में छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी थी और अब बीआरओ की 35 मजदूरों की टीम ने 170 फीट लंबे नए बैली ब्रिज को सिर्फ 5 दिन में تیار कर लिया है और इसे नाले में स्थापित कर दिया गया है। शुक्रवार को सभी प्रकार के वाहनों के लिए पुल पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जिससे आदिकायालाश-मानसरोवर, दारमा, चौदास और व्यास घाटी के निवासियों को एक बार फिर से संपर्क मिला है। हिरक परियोजना के चीफ इंजीनियर एमएल कोम ने ब्रिज का उद्घाटन कर टीम को बधाई दी और उनका हौसला बढ़ाया। एक एई और 6 जेई सहित टीम ने 35 मजदूरों के साथ दिन-रात मेहनत कर पुल को पूरा किया। धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने भी स्थलीय निरीक्षण की पुष्टि की है।
Pithoragarh
कुलागाड़ में 170 फीट लंबा बैली ब्रिज 5 दिन में तैयार, टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर आवाजाही बहाल
16 दिन के क्रम में पहले नाला ध्वस्त हुआ था; भारी बारिश के बाद पुनर्निर्माण के साथ बीआरओ ने 5 दिन में नया बैली ब्रिज स्थापित कर दिया। इससे आदि कैलाश–मानसरोवर, दारमा, व्यास और चौदास घाटी के लोगों को एक बार फिर संपर्क मिला और रेलवे-सेना के लिए मदद मिली।









