उत्तरकाशी में पहाड़ी किसानों के लिए छोटे पॉलीहाउस के जरिए खेती का नया विकल्प तैयार किया जा रहा है। आरआईडीएफ योजना के तहत 50 से 500 वर्गमीटर क्षेत्र वाले क्लस्टर आधारित पॉलीहाउस में सब्जी और फूलों की खेती को बढ़ावा देने की योजना है।

इस पहल का मकसद छोटी जोत और मौसम पर निर्भर खेती के बीच किसानों को संरक्षित वातावरण में उत्पादन का अवसर देना है। इससे पहाड़ी क्षेत्र में सब्जी और फूलों की खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी है।

प्रशिक्षण में 114 किसानों ने लिया हिस्सा

कृषि विज्ञान केंद्र, चिन्यालीसौड़ में आयोजित प्रशिक्षण में भटवाड़ी और गंगा घाटी के 114 किसान शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को संरक्षित खेती से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई।

वैज्ञानिकों ने सब्जी उत्पादन और प्रबंधन के साथ रोग-कीट नियंत्रण पर जानकारी साझा की। किसानों को पोषक तत्वों के प्रबंधन, कटाई के बाद उत्पादों के रखरखाव और प्रसंस्करण की प्रक्रिया भी बताई गई।

प्रशिक्षण में वर्मी कंपोस्टिंग को भी शामिल किया गया। किसानों को पॉलीहाउस और फील्ड विजिट कराकर संरक्षित खेती की व्यवस्था और उसके संचालन से परिचित कराया गया।

अपुणी सरकार पोर्टल से आवेदन

सहायक उद्यान अधिकारी टीएस पुंडीर के अनुसार, किसान पॉलीहाउस के लिए अपुणी सरकार पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत पॉलीहाउस क्लस्टर आधारित होंगे और इनका आकार 50 से 500 वर्गमीटर तक रखा जाएगा।

सब्जी और फूलों की खेती के लिए पॉलीहाउस का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशिक्षण के जरिए किसानों को उत्पादन से लेकर फसल कटाई के बाद रखरखाव और प्रसंस्करण तक की जानकारी दी गई है।

निष्कर्ष

उत्तरकाशी में छोटे पॉलीहाउस के जरिए संरक्षित खेती को बढ़ाने की तैयारी है। किसानों को प्रशिक्षण और आवेदन की जानकारी देकर इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उत्तरकाशी में किस तरह की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा?

आरआईडीएफ योजना के तहत पॉलीहाउस में सब्जी और फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

Q. प्रस्तावित पॉलीहाउस का क्षेत्रफल कितना होगा?

क्लस्टर आधारित पॉलीहाउस 50 से 500 वर्गमीटर क्षेत्रफल के होंगे।

Q. प्रशिक्षण में कितने किसानों ने हिस्सा लिया?

कृषि विज्ञान केंद्र, चिन्यालीसौड़ के प्रशिक्षण में भटवाड़ी और गंगा घाटी के 114 किसान शामिल हुए।

Q. किसानों को प्रशिक्षण में किन विषयों की जानकारी दी गई?

उन्हें उत्पादन प्रबंधन, रोग-कीट नियंत्रण, पोषक तत्व प्रबंधन, कटाई के बाद रखरखाव, प्रसंस्करण और वर्मी कंपोस्टिंग की जानकारी दी गई।

Q. पॉलीहाउस के लिए किसान आवेदन कैसे कर सकते हैं?

किसान अपुणी सरकार पोर्टल के माध्यम से पॉलीहाउस के लिए आवेदन कर सकते हैं।