उत्तराखंड विधानसभा का 2 दिन का सत्र मंगलवार को शुरू होते ही गैरसैंण एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया। पहाड़ी शहर में प्रदर्शन हुए और गैरसैंण को उत्तराखंड की एकमात्र स्थायी राजधानी बनाने की दशकों पुरानी मांग फिर उठी।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर इस मांग की अनदेखी करने का आरोप लगाया। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। विधानसभा सत्र शुरू होने के साथ यह मुद्दा फिर सार्वजनिक चर्चा में आया।

गैरसैंण की मांग क्यों चर्चा में है

गैरसैंण को राज्य की एकमात्र स्थायी राजधानी बनाने की मांग इस घटनाक्रम का मुख्य मुद्दा है। मंगलवार से शुरू हुआ विधानसभा सत्र 2 दिन चलेगा। इसी दौरान शहर में प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ आरोप सामने आए।

मौजूदा घटनाक्रम में भाजपा पर लगाया गया आरोप प्रदर्शनकारियों का दावा है। उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया या राजधानी को लेकर कोई नया फैसला दर्ज नहीं है।

निष्कर्ष

विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ गैरसैंण को एकमात्र स्थायी राजधानी बनाने की दशकों पुरानी मांग फिर चर्चा में है। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा पर इसे नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गैरसैंण किस राज्य में है?

गैरसैंण उत्तराखंड का एक शहर है।

Q. गैरसैंण से जुड़ी मुख्य मांग क्या है?

मांग है कि गैरसैंण को उत्तराखंड की एकमात्र स्थायी राजधानी बनाया जाए।

Q. यह मांग कितने समय से उठ रही है?

यह मांग दशकों पुरानी है।

Q. गैरसैंण में प्रदर्शन कब हुए?

प्रदर्शन मंगलवार को विधानसभा का 2 दिन का सत्र शुरू होने के दौरान हुए।

Q. प्रदर्शनकारियों ने किस पर आरोप लगाया?

प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग की अनदेखी करने का आरोप लगाया।