उत्तराखंड में इस मानसून प्रदेश स्तर पर बारिश सामान्य से अधिक रही, लेकिन जिलों की तस्वीर एक जैसी नहीं रही। 1 जून से 30 सितंबर के बीच राज्य में 1269.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। सामान्य बारिश 1162.7 मिमी मानी गई है। इस तरह कुल बारिश सामान्य से 9% ज्यादा रही।

जिलावार आंकड़ों में बागेश्वर सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा। यहां मानसून के दौरान 2085.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 792.3 मिमी है। इसके आधार पर जिले में बारिश सामान्य से 163% अधिक रही।

सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले

चमोली में 1270.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले की सामान्य बारिश 721.4 मिमी है। इस बार यहां बारिश सामान्य से 76% अधिक रही। अल्मोड़ा में 1072.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 792.3 मिमी के मुकाबले 35% ज्यादा है।

टिहरी गढ़वाल में 1262.7 मिमी बारिश दर्ज हुई। यहां सामान्य बारिश 948 मिमी है और मानसून की कुल बारिश 33% अधिक रही। पिथौरागढ़ में 1576.7 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 1502.5 मिमी है। इस जिले में 5% अधिक बारिश दर्ज की गई।

मैदानी जिलों में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी बारिश सामान्य से ऊपर रही। हरिद्वार में 1163.9 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 989.8 मिमी है। यहां 18% अधिक बारिश दर्ज की गई। ऊधमसिंह नगर में 1296.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 1125.5 मिमी से 15% ज्यादा है।

देहरादून में मानसून का कुल आंकड़ा सामान्य के लगभग बराबर रहा। जिले में 1424 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 1442.9 मिमी है। इस तरह यहां बारिश सामान्य से 1% कम रही।

पौड़ी में सबसे बड़ी कमी

पौड़ी गढ़वाल में मानसून के 4 महीनों में 760.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले की सामान्य बारिश 1273.3 मिमी है। इस तुलना में पौड़ी में बारिश सामान्य से 40% कम रही। जिलावार आंकड़ों में यही सबसे बड़ा नकारात्मक अंतर है।

चम्पावत में 1101.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 1313.8 मिमी है। यहां बारिश 16% कम रही। नैनीताल में 1362.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 1537.9 मिमी के मुकाबले 11% कम है।

उत्तरकाशी में 1048.8 मिमी बारिश हुई। जिले की सामान्य बारिश 1151.2 मिमी है और यहां 9% कमी दर्ज की गई। रुद्रप्रयाग में 1525.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 1549.1 मिमी है। जिले में बारिश सामान्य से 2% कम रही।

इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य का कुल औसत बढ़ने के बावजूद सभी जिलों में मानसून का असर समान नहीं रहा। बागेश्वर और चमोली जैसे जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई, जबकि पौड़ी, चम्पावत और नैनीताल में कमी दर्ज की गई।

निष्कर्ष

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में मानसून की कुल बारिश सामान्य से 9% अधिक रही। हालांकि जिलावार अंतर बड़ा रहा। बागेश्वर में सबसे ज्यादा और पौड़ी गढ़वाल में सबसे कम बारिश दर्ज की गई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उत्तराखंड में मानसून के दौरान कुल कितनी बारिश हुई?

1 जून से 30 सितंबर के बीच राज्य में 1269.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य 1162.7 मिमी से 9% अधिक है।

Q. सबसे ज्यादा बारिश किस जिले में हुई?

बागेश्वर में 2085.6 मिमी बारिश हुई। यह जिले की सामान्य बारिश से 163% अधिक है।

Q. सबसे कम बारिश किस जिले में दर्ज की गई?

पौड़ी गढ़वाल में 760.8 मिमी बारिश दर्ज हुई। यहां बारिश सामान्य से 40% कम रही।

Q. क्या मैदानी जिलों में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हुई?

हां। हरिद्वार में 18% और ऊधमसिंह नगर में 15% अधिक बारिश दर्ज की गई।

Q. देहरादून में बारिश की स्थिति कैसी रही?

देहरादून में 1424 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य 1442.9 मिमी से 1% कम है और कुल आंकड़ा सामान्य के करीब रहा।