उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने शनिवार को श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना की।
रुद्रप्रयाग पुलिस के अनुसार, राज्यपाल ने देवभूमि की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में सहयोग करने का आह्वान किया।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
राज्यपाल डॉ. बिसेन ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। केदारनाथ धाम में उनकी अपील का मुख्य फोकस धार्मिक स्थलों की पवित्रता, साफ-सफाई और पर्यावरण की सुरक्षा पर रहा।
उन्होंने प्रदेश के विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। साथ ही, देवभूमि की स्वच्छता बनाए रखने और नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में लोगों की भागीदारी का आह्वान किया।
निष्कर्ष
राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना के साथ प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने स्वच्छता, नशामुक्ति और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने कहां दर्शन किए?
उन्होंने श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदारनाथ के दर्शन किए।
Q. राज्यपाल ने केदारनाथ धाम में क्या किया?
उन्होंने बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना की और प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की।
Q. राज्यपाल ने किन मुद्दों पर जोर दिया?
उन्होंने देवभूमि की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने, नशामुक्त उत्तराखंड बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
Q. राज्यपाल ने विकास को लेकर क्या कहा?
उन्होंने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
Q. नशामुक्त उत्तराखंड को लेकर क्या अपील की गई?
राज्यपाल ने नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया।










