देहरादून: जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की जमीन के आवंटन को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ अभिषेक रुहेला ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने सरकारी संपत्तियों को निजी कंपनियों को हस्तांतरित किए जाने से जुड़ी खबरों को भ्रामक बताया।
रुहेला के अनुसार, इन खबरों में मुख्य रूप से 2 स्थानों का उल्लेख है। इनमें से एक मसूरी स्थित जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड इसे नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहा है।
एस्टेट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना
बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ ने बताया कि एस्टेट की विरासत इमारत का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। इसके बाद इसके प्रबंधन और संचालन के लिए एक निजी ऑपरेटर की सेवाएं ली गई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी ऑपरेटर का चयन खुली निविदा प्रक्रिया के जरिए किया गया है। उपलब्ध जानकारी में ऑपरेटर का नाम, समझौते की अवधि या जमीन आवंटन से जुड़े अन्य विवरण नहीं दिए गए हैं।
रुहेला ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को निजी कंपनियों को हस्तांतरित किए जाने का दावा सही नहीं है। उनका बयान जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट से जुड़े इसी सवाल पर बोर्ड का पक्ष स्पष्ट करता है।
पर्यटकों के लिए इसका क्या मतलब है
बोर्ड की योजना एस्टेट को एक नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की है। विरासत इमारत का जीर्णोद्धार और संचालन के लिए निजी सेवा प्रदाता की नियुक्ति इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताई गई है।
हालांकि, उपलब्ध बयान में परियोजना की शुरुआत की तारीख, पर्यटकों के लिए सुविधाओं, शुल्क या आगे की समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट को निजी कंपनियों को सरकारी संपत्ति हस्तांतरित करने का मामला बताए जाने से इनकार किया है। बोर्ड के अनुसार, एस्टेट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है और संचालन के लिए निजी ऑपरेटर का चयन खुली निविदा से हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट को लेकर किसने सफाई दी है?
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ अभिषेक रुहेला ने इस मामले पर सफाई दी है।
Q. विवाद किस मुद्दे से जुड़ा है?
विवाद जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की जमीन के आवंटन और सरकारी संपत्तियों को निजी कंपनियों को हस्तांतरित किए जाने से जुड़े दावों पर है।
Q. बोर्ड जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट के लिए क्या योजना बना रहा है?
बोर्ड इसे नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहा है।
Q. एस्टेट की विरासत इमारत के बारे में क्या जानकारी दी गई है?
बोर्ड के अनुसार, विरासत इमारत का जीर्णोद्धार किया जा चुका है।
Q. निजी ऑपरेटर को काम कैसे मिला?
निजी ऑपरेटर की सेवाएं प्रबंधन और संचालन के लिए खुली निविदा प्रक्रिया के जरिए ली गई हैं।













