तृतीय केदार भगवान श्री तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यह तारीख विजयदशमी के अवसर पर पंचांग गणना के आधार पर घोषित की गई है।
रुद्रप्रयाग पुलिस की साझा जानकारी के अनुसार, कपाट बंद होने की घोषणा मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में की गई। 6 नवंबर को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
मक्कूमठ पहुंचेगी उत्सव डोली
कपाट बंद होने के बाद 8 नवंबर 2026 को भगवान श्री तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होकर मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ पहुंचेगी। यही मंदिर भगवान श्री तुंगनाथ का शीतकालीन गद्दीस्थल है।
इस कार्यक्रम के साथ भगवान श्री तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होगी। उपलब्ध जानकारी में डोली के पड़ावों या यात्रा के विस्तृत मार्ग का उल्लेख नहीं है।
निष्कर्ष
भगवान श्री तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसके बाद 8 नवंबर 2026 को चल विग्रह उत्सव डोली मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में विराजमान होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. भगवान श्री तुंगनाथ के कपाट कब बंद होंगे?
6 नवंबर 2026 को भगवान श्री तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे।
Q. कपाट बंद करने की तारीख कैसे तय हुई?
तारीख पंचांग गणना के आधार पर विजयदशमी के अवसर पर घोषित की गई।
Q. कपाट बंद होने के बाद उत्सव डोली कब निकलेगी?
8 नवंबर 2026 को भगवान श्री तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए आगे बढ़ेगी।
Q. उत्सव डोली कहां विराजमान होगी?
डोली मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ स्थित भगवान श्री तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होगी।
Q. कपाट बंद होने की घोषणा कहां की गई?
घोषणा मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में की गई।











