टिहरी जिले की गुसाईं पट्टी में रैदूणी और बागी गांवों को जोड़ने वाली 5 किमी सड़क 13 साल से डामरीकरण का इंतजार कर रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। इससे दोनों गांवों की 1200 से अधिक आबादी को रोजाना आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। सड़क बनने के बाद गांवों को यातायात की सुविधा मिली, लेकिन इसके बाद डामरीकरण नहीं हो पाया। अब कई हिस्सों में गड्ढों के बीच से वाहन और राहगीर गुजरने को मजबूर हैं।

मौसम बदलते ही बढ़ जाती है परेशानी

बरसात के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे आवाजाही और मुश्किल हो जाती है। गर्मियों में वाहनों के गुजरने पर धूल के गुबार उठते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धूल के कारण आसपास रहना भी कठिन हो जाता है।

जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल ने बताया कि सड़क अब लोक निर्माण विभाग चंबा को हस्तांतरित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि दोनों गांवों के अधिकांश लोग नगदी फसलें उगाते हैं। किसान अपनी उपज सड़क मार्ग तक पहुंचाकर देहरादून और मसूरी की मंडियों में ले जाते हैं। खराब सड़क के कारण उन्हें भी परेशानी होती है।

बैठकों में उठ चुका है मुद्दा

रैदूणी-बागी सड़क के डामरीकरण का मुद्दा क्षेत्र पंचायत की बैठक में भी प्रमुखता से उठाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क की मरम्मत और डामरीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

ग्राम प्रधान उर्मिला चौहान और बीडीसी सदस्य गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि सड़क के गड्ढों से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि गर्मियों में उड़ने वाली धूल से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

शासन को भेजा जाएगा एस्टीमेट

लोक निर्माण विभाग चंबा के सहायक अभियंता अमित रूसिया ने बताया कि रैदूणी-बागी सड़क के डामरीकरण के लिए विधायक की ओर से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। उनके अनुसार, प्रस्ताव के आधार पर एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।

निष्कर्ष

रैदूणी-बागी सड़क के डामरीकरण में देरी से ग्रामीणों और किसानों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। विभाग के अनुसार, विधायक के प्रस्ताव के आधार पर एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रैदूणी-बागी सड़क कितनी लंबी है?

यह सड़क 5 किमी लंबी है और रैदूणी व बागी गांवों को जोड़ती है।

Q. सड़क का निर्माण कब हुआ था?

सड़क का निर्माण वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हुआ था।

Q. सड़क की मुख्य समस्या क्या है?

सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। बरसात में पानी और गर्मियों में धूल से परेशानी बढ़ जाती है।

Q. सड़क से कितनी आबादी प्रभावित है?

सड़क की खराब हालत से दोनों गांवों की 1200 से अधिक आबादी प्रभावित हो रही है।

Q. डामरीकरण के लिए अब क्या कदम उठाया जाएगा?

लोक निर्माण विभाग के अनुसार, विधायक के प्रस्ताव के आधार पर एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।