रुद्रप्रयाग के श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, तिलणी में 31 अक्टूबर को सुरक्षित बचपन अभियान का समापन विशेष विधिक जागरुकता कार्यक्रम के साथ हुआ। विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, POCSO अधिनियम और साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।
यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देशों और उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया। अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष श्रीमती नीना अग्रवाल की अध्यक्षता और सचिव श्रीमती पायल सिंह के नेतृत्व में संचालित हुआ।
कार्यक्रम में बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच अंतर समझाया गया। किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की स्थिति में बिना डर शिकायत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। बाल अधिकारों और बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक तथा भयमुक्त वातावरण देने में परिवार, स्कूल और समाज की भूमिका समझाई गई।
अधिकारियों ने बच्चों को कानून और सुरक्षा के बारे में बताया
श्रीमती नीना अग्रवाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने बच्चों के अधिकारों और बाल-अनुकूल कानूनी मदद की जानकारी दी। उन्होंने NALSA की ‘बच्चों के लिए बाल-अनुकूल विधिक सेवाएँ योजना, 2024’ के उद्देश्यों के बारे में भी बताया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अमित कुमार और न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सिद्धार्थ कुमार ने POCSO अधिनियम तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। सहायक अभियोजन अधिकारी श्रीमती रश्मि पाण्डेय ने बाल यौन शोषण की रोकथाम और समय पर शिकायत करने का महत्व समझाया।
एसएचओ ऊखीमठ श्री मनोज नेगी ने विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में जागरूक किया। उन्होंने व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने और इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानी से करने की जरूरत बताई।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई
कार्यक्रम में बच्चों को मदद के लिए उपलब्ध इन नंबरों की जानकारी दी गई:
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- पुलिस आपातकालीन सेवा: 112
- साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930
- निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन: 15100
पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने ‘सुरक्षित बचपन’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके जरिए बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल अधिकारों और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेन्द्र सिंह रावत, प्रभागीय वनाधिकारी श्री विनीत कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री टी.एस. मलेथा, वन विभाग के रेंजर श्री संजय कुमार, बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती पूजा त्रिवेदी और पैनल अधिवक्ता श्री महावीर सिंह बुटोला मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राकेश चौधरी, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
निष्कर्ष
सुरक्षित बचपन अभियान के समापन कार्यक्रम में बच्चों को कानूनी अधिकार, व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, संरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण देना सामूहिक जिम्मेदारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सुरक्षित बचपन अभियान कब चलाया गया?
यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया गया।
Q. अभियान का समापन कार्यक्रम कहां हुआ?
समापन कार्यक्रम श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, तिलणी में आयोजित किया गया।
Q. बच्चों को किन विषयों की जानकारी दी गई?
बच्चों को बाल अधिकार, POCSO अधिनियम, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर अपराधों के बारे में बताया गया।
Q. बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में कौन-सी हेल्पलाइन है?
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 है।
Q. साइबर अपराध की शिकायत किस नंबर पर की जा सकती है?
साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 है।
Q. निःशुल्क विधिक सहायता के लिए कौन-सा नंबर दिया गया?
निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 है।
Q. पुलिस की आपातकालीन सेवा का नंबर क्या है?
पुलिस आपातकालीन सेवा का नंबर 112 है।
Q. कार्यक्रम में बच्चों के लिए क्या प्रस्तुति दी गई?
पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने ‘सुरक्षित बचपन’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।













