रुद्रप्रयाग पुलिस ने करीब 7 साल से परिवार से दूर रह रहे गणेश प्रसाद को ढूंढकर 20 सितंबर 2026 को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वह रोजगार की तलाश में घर से निकले थे और लंबे समय से वापस नहीं लौटे थे।
मामला अगस्त महीने में सामने आया, जब ग्राम बगजीवाला की एक महिला ने पुलिस को अपने पति के बारे में जानकारी दी। महिला ने बताया कि गणेश प्रसाद शुरुआती वर्षों में अपनी कुशलक्षेम बताते रहे, लेकिन घर आने में असमर्थता जताते हुए बाद में लौटने का भरोसा देते रहे।
परिजनों ने इस दौरान पुलिस से संपर्क नहीं किया। उन्हें उम्मीद थी कि गणेश प्रसाद किसी समय खुद घर लौट आएंगे। बाद में महिला को पता चला कि वह अपनी मां से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन पत्नी और 3 बेटियों से बात नहीं करते।
महिला ने खुद भी उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान गणेश प्रसाद ने घर लौटने से साफ मना कर दिया। इसके बाद महिला ने रुद्रप्रयाग पुलिस को अपनी परेशानी बताई और उनसे मदद मांगी।
मोबाइल नंबर से पुलिस ने जुटाई जानकारी
पुलिस ने गणेश प्रसाद के मोबाइल नंबर के आधार पर उनकी जानकारी जुटाई और उनका पता लगाया। इसके बाद उन्हें रुद्रप्रयाग लाया गया। पुलिस के अनुसार, गणेश प्रसाद, पुत्र सतेश्वर प्रसाद, ग्राम बगजीवाल, पोस्ट पांजणा, जिला रुद्रप्रयाग के निवासी हैं।
20 सितंबर 2026 को गणेश प्रसाद को उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया। इस दौरान उनकी मां, पत्नी, मामा और साले मौजूद थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई के बाद परिवार के साथ उनका संपर्क फिर स्थापित हुआ।
निष्कर्ष
रुद्रप्रयाग पुलिस ने मोबाइल नंबर की मदद से करीब 7 साल से परिवार से दूर गणेश प्रसाद का पता लगाया। 20 सितंबर 2026 को उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गणेश प्रसाद कितने समय से परिवार से दूर थे?
वह करीब 7 साल से परिवार से दूर थे।
Q. गणेश प्रसाद घर से क्यों निकले थे?
वह रोजगार के लिए घर से निकले थे।
Q. पुलिस को गणेश प्रसाद के बारे में जानकारी कैसे मिली?
ग्राम बगजीवाला की एक महिला ने अगस्त में रुद्रप्रयाग पुलिस को सूचना दी।
Q. पुलिस ने उनका पता कैसे लगाया?
पुलिस ने उनके मोबाइल नंबर के आधार पर जानकारी जुटाकर उनका पता लगाया।
Q. गणेश प्रसाद को परिवार को कब सौंपा गया?
उन्हें 20 सितंबर 2026 को परिवार को सौंपा गया।






