देहरादून साइबर अपराध थाना पुलिस ने रानी पोखरी के बड़कोट माफी निवासी रमेश चंद्र खंडूरी से 27.60 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में केस दर्ज किया है। आरोपियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस अब मामले में शामिल लोगों की तलाश कर रही है।

घटना की शुरुआत 5 सितंबर को हुई। खंडूरी के पास व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम संजय बताया और खुद को महाराष्ट्र के नासिक का पुलिस अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि खंडूरी के केनरा बैंक खाते से 2 करोड़ रुपये का गैरकानूनी लेन-देन हुआ है।

आरोपियों ने बातचीत के दौरान उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलने की बात कही। दबाव बढ़ाने के लिए व्हाट्सऐप पर प्रवर्तन निदेशालय का कथित गिरफ्तारी वारंट भी भेजा गया। वीडियो कॉल में एक व्यक्ति पुलिस कमिश्नर की वर्दी पहने था। उसके पीछे एनआईए का चिन्ह और अशोक चक्र नजर आ रहा था।

खाते के सत्यापन के नाम पर रकम मंगाई

जालसाजों ने खंडूरी से कहा कि खातों की जांच पूरी होने तक उनकी रकम आरबीआई के विशेष खाते में जमा रखी जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पैसा बाद में ब्याज के साथ वापस कर दिया जाएगा। डर और लगातार दबाव के बीच पीड़ित ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में रकम भेज दी।

10 सितंबर को 6.10 लाख रुपये और 16 सितंबर को 21.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। दोनों भुगतानों को मिलाकर कुल 27.60 लाख रुपये आरोपियों के पास चले गए। पुलिस के अनुसार, रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई थी।

इसके बाद 24 सितंबर को आरोपियों ने 10 लाख रुपये और जमा करने को कहा। खंडूरी यह रकम भेजने के लिए बैंक पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों को लेन-देन पर संदेह हुआ। बैंक स्टाफ की सतर्कता से यह भुगतान नहीं हो सका और पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

बैंक से मिली सूचना के बाद खंडूरी को ठगी का पता चला। उन्होंने देहरादून के साइबर अपराध थाने में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

निष्कर्ष

आरोपियों ने पुलिस अधिकारी और जांच एजेंसियों का रूप धरकर खंडूरी पर दबाव बनाया और रकम ट्रांसफर कराई। 10 लाख रुपये की अगली मांग बैंक कर्मचारियों की सतर्कता से रुक गई, जबकि पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. इस मामले में कितनी रकम ठगी गई?

पीड़ित से कुल 27.60 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।

Q. पीड़ित कौन हैं?

रमेश चंद्र खंडूरी, बड़कोट माफी, रानी पोखरी के निवासी हैं।

Q. ठगी की शुरुआत कैसे हुई?

उन्हें 5 सितंबर को व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आई थी।

Q. आरोपियों ने पीड़ित को किस बात का डर दिखाया?

उन्होंने बैंक खाते से 2 करोड़ रुपये के कथित गैरकानूनी लेन-देन और देशद्रोह के मुकदमे की बात कही।

Q. रकम किस तरह भेजी गई?

10 सितंबर को 6.10 लाख रुपये और 16 सितंबर को 21.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे गए।

Q. 10 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम क्यों नहीं जा सकी?

बैंक कर्मचारियों को लेन-देन पर संदेह हुआ, इसलिए भुगतान रुक गया और पुलिस को सूचना दी गई।

Q. मामले की जांच कौन कर रहा है?

देहरादून साइबर अपराध थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।