मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर में एक स्थानीय चाय की दुकान पर रुककर लोगों से मुलाकात की। जीवीके हेलीपैड, कोटेश्वर से सड़क मार्ग के रास्ते देहरादून जाते समय वह श्रीनगर चुंगी के पास मंगल सिंह की चाय की दुकान पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद स्थानीय लोगों के साथ चाय पी। इस दौरान उन्होंने बच्चियों, नागरिकों और अधिकारियों को खुद चाय परोसी। उन्होंने दुकानदार मंगल सिंह और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की।
मुख्यमंत्री को अपने बीच सहज रूप से देखकर दुकानदारों और नागरिकों में उत्साह दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के साथ इस तरह की मुलाकात ने मुख्यमंत्री की सादगी और सहज व्यवहार को सामने रखा।
स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने का संदेश
स्थानीय दुकान पर रुककर चाय पीने और दुकानदारों से संवाद करने को ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से जोड़कर देखा गया। इस पहल से स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन देने का संदेश गया।
इस मौके ने स्थानीय उत्पादों को अपनाने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी रेखांकित की। इसके साथ ही आम लोगों की भागीदारी को स्थानीय कारोबार बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया गया।
मुख्यमंत्री का यह पड़ाव किसी औपचारिक कार्यक्रम के बजाय स्थानीय लोगों के साथ सीधे संवाद का अवसर रहा। चाय की दुकान पर उनका रुकना और लोगों के साथ समय बिताना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर चुंगी के पास स्थानीय चाय की दुकान पर रुककर लोगों के साथ चाय पी और संवाद किया। उनकी इस सहज पहल ने स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्रीनगर में कहां रुके?
वह श्रीनगर चुंगी के पास मंगल सिंह की चाय की दुकान पर रुके।
Q. मुख्यमंत्री श्रीनगर जाते समय कहां से आ रहे थे?
वह जीवीके हेलीपैड, कोटेश्वर से सड़क मार्ग के रास्ते देहरादून जा रहे थे।
Q. मुख्यमंत्री ने दुकान पर क्या किया?
उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ चाय पी और बच्चियों, नागरिकों तथा अधिकारियों को खुद चाय परोसी।
Q. मुख्यमंत्री ने किन लोगों से बातचीत की?
उन्होंने दुकानदार मंगल सिंह और स्थानीय लोगों से आत्मीय संवाद किया।
Q. इस मुलाकात से क्या संदेश गया?
इससे स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन देने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को बढ़ावा देने का संदेश गया।












