पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में तेंदुए के हमले में 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। घटना भंडारीगांव में शाम 4:00 बजे हुई, जब बच्चा अपने घर के बाहर था।
परिजनों के नजदीक मौजूद बच्चे को तेंदुआ उठा ले गया। घटना जंगल के भीतर या रात के समय नहीं, बल्कि गांव में दिनदहाड़े हुई। बाद में बच्चे का शव घर से करीब 200 मीटर दूर मिला।
चेतावनी के एक सप्ताह बाद हमला
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के प्रधान ने लगभग एक सप्ताह पहले पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी दी थी। पत्र में तेंदुए से खतरे को लेकर मदद की मांग की गई थी।
इसके बावजूद भंडारीगांव में यह हमला हो गया। उपलब्ध जानकारी में पत्र पर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का विवरण नहीं है।
यह घटना पहाड़ी गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को सामने लाती है। खास तौर पर दिन के समय घरों के आसपास तेंदुए की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
भंडारीगांव की घटना में अब तक सामने आई बातें
- बच्चा 8 साल का था।
- घटना गंगोलीहाट के भंडारीगांव में हुई।
- तेंदुआ बच्चे को घर के बाहर से ले गया।
- हमला शाम 4:00 बजे हुआ।
- शव घटनास्थल से 200 मीटर दूर मिला।
- गांव के प्रधान ने एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी को पत्र भेजा था।
निष्कर्ष
भंडारीगांव में बच्चे की मौत से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। एक सप्ताह पहले दी गई चेतावनी के बाद हुए हमले ने प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. घटना कहां हुई?
यह घटना पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र के भंडारीगांव में हुई।
Q. बच्चे की उम्र कितनी थी?
बच्चे की उम्र 8 साल थी।
Q. तेंदुआ बच्चे को कब ले गया?
घटना शाम 4:00 बजे हुई।
Q. बच्चे का शव कहां मिला?
शव घर से करीब 200 मीटर दूर मिला।
Q. क्या हमले से पहले अधिकारियों को जानकारी दी गई थी?
हां। गांव के प्रधान ने करीब एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी को तेंदुए की मौजूदगी को लेकर पत्र भेजा था।













