पीजी कॉलेज गोपेश्वर में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने अध्यक्ष पद के एनएसयूआई समर्थित प्रत्याशी किशन बर्त्वाल की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग की।

विरोध के बीच एक छात्र पेट्रोल लेकर महाविद्यालय की छत पर पहुंच गया। पुलिस ने फायर वाहन की मदद ली और छात्र को नीचे उतारा। इस घटनाक्रम के दौरान चमोली-कुंड हाईवे पर भी कुछ देर जाम की स्थिति बनी।

नामांकन पर एबीवीपी की आपत्ति

एबीवीपी का कहना है कि किशन बर्त्वाल के खिलाफ पिछले वर्ष महाविद्यालय प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज की थी। संगठन ने इसी आधार पर उनकी चुनाव लड़ने की पात्रता पर आपत्ति जताई और नामांकन रद्द करने की मांग रखी।

हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने प्रत्याशी को चुनाव के लिए वैध बताया है। प्राचार्य डॉ. एमपी नगवाल के अनुसार, पिछले वर्ष मामला दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में स्थिति शांत हो गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जा रहे हैं।

चुनाव प्रक्रिया पर विवाद

प्राचार्य के बयान के मुताबिक, किशन बर्त्वाल चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह वैध हैं। दूसरी ओर, एबीवीपी ने चुनाव प्रक्रिया पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उपलब्ध जानकारी में इस विवाद पर आगे की किसी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।

निष्कर्ष

गोपेश्वर कॉलेज में चुनावी प्रक्रिया को लेकर एबीवीपी और कॉलेज प्रशासन के रुख अलग-अलग हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्र के छत पर पहुंचने और हाईवे पर जाम लगने से मामला गंभीर हो गया, जबकि प्रशासन ने प्रत्याशी की वैधता बरकरार बताई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गोपेश्वर पीजी कॉलेज में विवाद किस बात पर हुआ?

एबीवीपी ने छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी किशन बर्त्वाल का नामांकन रद्द करने की मांग की।

Q. एबीवीपी ने नामांकन रद्द करने की मांग क्यों की?

संगठन का आरोप है कि पिछले वर्ष किशन बर्त्वाल के खिलाफ महाविद्यालय प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

Q. प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

एक छात्र पेट्रोल लेकर कॉलेज की छत पर पहुंच गया। पुलिस ने फायर वाहन की मदद से उसे नीचे उतारा।

Q. हाईवे पर क्या असर पड़ा?

विरोध के दौरान चमोली-कुंड हाईवे पर कुछ देर जाम लगा।

Q. कॉलेज प्रशासन ने प्रत्याशी की पात्रता पर क्या कहा?

प्राचार्य डॉ. एमपी नगवाल ने किशन बर्त्वाल को चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह वैध बताया। उन्होंने चुनाव पारदर्शी तरीके से कराने की बात कही।