हरिद्वार रोडवेज डिपो की पुरानी बसों में बढ़ती तकनीकी खराबियों का असर राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लंबे रूट पर दिख रहा है। कई बसें सफर के दौरान खराब होकर रास्ते में रुक रही हैं। इससे यात्रियों को बीच यात्रा में परेशानी उठानी पड़ रही है और बस संचालन पर भी दबाव बढ़ा है।
डिपो के पास इस समय करीब 90 बसों का बेड़ा है। पहले यह संख्या करीब 110 थी। कुछ बसों की नीलामी हो चुकी है, जबकि कुछ वाहन सेवा से बाहर हो गए हैं। बची हुई बसों में भी कई पुरानी हैं। इन्हीं वाहनों से लंबे रूट पर लगातार संचालन किया जा रहा है।
लंबे रूट पर तकनीकी दिक्कतें
हरिद्वार से राजस्थान के पुष्कर जाने वाली रोडवेज बस तकनीकी खराबी के कारण पिछले 15 दिन से वर्कशॉप में खड़ी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के लंबे रूट पर चलने वाली कई बसों में भी इसी तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं।
इन बसों में इंजन, क्लच और दूसरी तकनीकी समस्याएं बताई गई हैं। खराबी आने पर कई वाहनों को रास्ते में रोकना पड़ रहा है। कुछ बसें यात्रियों को लेकर रुक जाती हैं, जबकि कुछ को बाद में मरम्मत के लिए वर्कशॉप भेजा जाता है।
बसों की संख्या घटने के बीच उपलब्ध वाहनों का इस्तेमाल लंबे रूट पर किया जा रहा है। इससे पुरानी बसों पर संचालन का दबाव बना हुआ है। तकनीकी समस्या आने पर यात्रियों की यात्रा बीच में प्रभावित हो रही है।
नई बसों की उम्मीद
हरिद्वार डिपो की ओर से जल्द नई बसें मिलने की बात कही गई है। नई बसें आने के बाद सभी रूट पर संचालन शुरू करने की योजना है। इससे लंबे रूट पर उपलब्ध बसों की कमी और पुरानी बसों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
फिलहाल राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लंबे रूट पर चलने वाली कई बसों में तकनीकी खराबियों की समस्या बनी हुई है। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी सफर के बीच बस रुकना है।
निष्कर्ष
हरिद्वार डिपो में बसों की घटती संख्या और पुराने वाहनों की तकनीकी दिक्कतों से लंबे रूट का संचालन प्रभावित है। नई बसें मिलने के बाद स्थिति में बदलाव की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हरिद्वार रोडवेज की बसों में समस्या क्यों आ रही है?
कई बसें पुरानी हो चुकी हैं और उनमें इंजन, क्लच तथा दूसरी तकनीकी खराबियां सामने आ रही हैं।
Q. किन रूट पर बसें ज्यादा प्रभावित हैं?
राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लंबे रूट पर चलने वाली कई बसों में दिक्कतें बताई गई हैं।
Q. हरिद्वार डिपो के पास कितनी बसें हैं?
डिपो के पास वर्तमान में करीब 90 बसों का बेड़ा है।
Q. पहले डिपो में कितनी बसें थीं?
पहले डिपो के पास करीब 110 बसें थीं।
Q. पुष्कर रूट की बस कितने समय से वर्कशॉप में खड़ी है?
हरिद्वार से पुष्कर जाने वाली बस पिछले 15 दिन से तकनीकी खराबी के कारण वर्कशॉप में खड़ी है।
Q. नई बसें मिलने के बाद क्या होगा?
नई बसें मिलने के बाद सभी रूट पर संचालन शुरू करने की योजना है।







