खटीमा पुलिस ने फायरिंग कर धमकाने के केस में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सतविंदर सिंह उर्फ सोनू कनेटी को 5 सितंबर को मुखबिर की सूचना के आधार पर पकड़ा गया। गिरफ्तारी सितारगंज रोड से सुजिया जाने वाले रास्ते के पास हुई।

यह मामला ग्राम बरी अंजनिया निवासी चंद्र बदन जोशी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 5 जुलाई को खटीमा कोतवाली में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, कुछ लोग स्कॉर्पियो से वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने तमंचे से गोली चलाई। चंद्र बदन जोशी इस फायरिंग में बाल-बाल बच गए। आरोप है कि इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

ऐसे आगे बढ़ी पुलिस जांच

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा संख्या 187/2026 दर्ज किया। केस में बीएनएस की धारा 109(एक), 351(3) और 352 लगाई गई हैं। शुरुआत में आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं थी, इसलिए पुलिस ने जांच के दौरान उपलब्ध सुरागों पर काम किया।

पुलिस के अनुसार, जांच में करीब 120 से 150 CCTV कैमरों की फुटेज देखी गई। इसके साथ ही मुखबिरों को सक्रिय किया गया। इसी कार्रवाई के बाद पुलिस सतविंदर सिंह तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग गए थे।

गिरफ्तार आरोपी और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, सतविंदर सिंह, गुरवचन सिंह का बेटा है। वह कनेटी फार्म, थाना बहेड़ी, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस उसे नियमानुसार कोर्ट में पेश कर रही है।

इस मामले में 4 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केस में गिरफ्तारी की कार्रवाई अभी जारी है।

कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुण्ठी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक केसी आर्या, उपनिरीक्षक राकेश राय और हेड कॉन्स्टेबल रविंद्र नाथ शामिल रहे।

निष्कर्ष

खटीमा फायरिंग केस में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की जानकारी दी है। जांच में CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल किया गया, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. खटीमा फायरिंग केस में किसे गिरफ्तार किया गया?

पुलिस ने सतविंदर सिंह उर्फ सोनू कनेटी को गिरफ्तार किया है।

Q. सतविंदर सिंह को कहां से पकड़ा गया?

उसे सितारगंज रोड से सुजिया जाने वाले रास्ते के पास पकड़ा गया।

Q. फायरिंग की घटना कब हुई थी?

शिकायत के अनुसार, घटना 5 जुलाई को हुई थी।

Q. इस मामले में कितने आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं?

पुलिस के मुताबिक, 4 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

Q. पुलिस ने जांच में क्या किया?

पुलिस ने करीब 120 से 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया।

Q. केस में कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?

मामले में बीएनएस की धारा 109(एक), 351(3) और 352 लगाई गई हैं।