रुद्रप्रयाग जिले में स्थित श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट भाई दूज के अवसर पर 11 नवम्बर को सुबह 8:30 AM शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में होगी।
कपाट बंद होने के दिन बाबा केदारनाथ की चल-विग्रह डोली केदारनाथ धाम से रवाना होगी। डोली 11 नवम्बर को रात्रि विश्राम के लिए रामपुर पहुंचेगी।
डोली यात्रा का कार्यक्रम
12 नवम्बर को डोली रामपुर से सुबह रवाना होगी। यह फाटा और नारायणकोटी होते हुए श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।
13 नवम्बर को सुबह 8:30 AM डोली गुप्तकाशी से रवाना होगी। इसके बाद वह श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी और परंपरा के अनुसार वहां विराजमान होगी।
ऊखीमठ में होगी शीतकालीन पूजा
श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ को बाबा केदारनाथ का शीतकालीन गद्दी स्थल बताया गया है। शीतकाल के दौरान बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना इसी मंदिर में संपन्न होगी।
निष्कर्ष
केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवम्बर को सुबह 8:30 AM बंद होंगे। इसके बाद चल-विग्रह डोली निर्धारित पड़ावों से होते हुए 13 नवम्बर को ऊखीमठ पहुंचेगी, जहां शीतकाल में पूजा-अर्चना होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. केदारनाथ मंदिर के कपाट कब बंद होंगे?
केदारनाथ मंदिर के कपाट 11 नवम्बर को सुबह 8:30 AM शीतकाल के लिए बंद होंगे।
Q. कपाट किस अवसर पर बंद किए जाएंगे?
कपाट भाई दूज के अवसर पर बंद किए जाएंगे।
Q. डोली 11 नवम्बर को कहां पहुंचेगी?
11 नवम्बर को डोली केदारनाथ धाम से रवाना होकर रात्रि विश्राम के लिए रामपुर पहुंचेगी।
Q. 12 नवम्बर को डोली का पड़ाव कहां होगा?
12 नवम्बर को डोली फाटा और नारायणकोटी होते हुए श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी पहुंचेगी।
Q. डोली ऊखीमठ कब पहुंचेगी?
डोली 13 नवम्बर को सुबह 8:30 AM रवाना होकर श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी।
Q. शीतकाल में बाबा केदारनाथ की पूजा कहां होगी?
शीतकाल में बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में होगी।












