हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में बुधवार को घंटों हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश से कई खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलें जलमग्न होकर खराब होने लगी हैं।
किसानों के मुताबिक, खेतों में बची फसलों पर भी खतरा बढ़ गया है। अगर आने वाले दिनों में बारिश जारी रही और पानी खेतों में जमा रहा, तो धान, गन्ने और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है।
फसलों पर बढ़ता खतरा
किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में उन्होंने मेहनत के साथ काफी पैसा लगाया है। पानी भरने से फसलें डूब रही हैं और उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार बारिश ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
किसान देशराज सैनी, सूरत सिंह, विपिन कुमार, सुलेमान, रमेश, मेघराज और सुशील कुमार ने बताया कि फसलें खराब होने पर उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि खेतों में पानी भरे रहने से नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
किसानों ने की मुआवजे की मांग
किसानों ने प्रशासन से बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा दिलाने की अपील भी की है।
नायब तहसीलदार अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर जाकर फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
निष्कर्ष
पथरी में खेतों में भरे पानी से किसानों की खड़ी फसलों पर संकट बढ़ा है। अब नुकसान का आकलन और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पथरी में किसानों की चिंता क्यों बढ़ी है?
बुधवार को घंटों हुई तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया और कई फसलें जलमग्न हो गईं।
Q. किन फसलों को नुकसान का खतरा है?
धान, गन्ने और सब्जियों की फसलों को नुकसान का खतरा बताया गया है।
Q. किसानों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
किसानों ने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
Q. नुकसान का आकलन कौन कराएगा?
नायब तहसीलदार अनिल कुमार गुप्ता ने मौके पर जाकर नुकसान का आकलन कराने की बात कही है।
Q. आकलन के बाद क्या होगा?
आकलन के बाद संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।








