दिल्ली भाजपा कार्यालय में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों की स्मृति में बलिदान दिवस पर भजन संध्या आयोजित की गई। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कार्यक्रम में श्रद्धांजलि दी और अलग राज्य की मांग के लिए चले लंबे आंदोलन को याद किया।
मल्होत्रा ने कहा कि 1994 में उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह की सरकार और केंद्र में नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे उत्तराखंड के लोगों पर उस दौरान कठोर कार्रवाई हुई और कई लोगों ने जान गंवाई।
वोट के अधिकार को लेकर प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े सवाल पर मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी वोट के अधिकार की रक्षा का मुद्दा इसलिए उठा रही है, क्योंकि उसे पंजाब विधानसभा चुनाव में अपनी हार दिखाई दे रही है।
मल्होत्रा के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने चुनाव आयोग को स्वायत्त संस्था बताते हुए कहा कि वह किसी के दबाव में काम नहीं करता।
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि जनता इस विरोध को दिखावा समझ चुकी है और उसे गुमराह नहीं किया जा सकता। ये बातें मल्होत्रा ने प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहीं।
निष्कर्ष
कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को याद किया गया। साथ ही, हर्ष मल्होत्रा ने 1994 की घटनाओं और चुनाव आयोग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर भाजपा का पक्ष रखा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दिल्ली में कौन सा कार्यक्रम आयोजित हुआ?
दिल्ली भाजपा कार्यालय में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों की याद में भजन संध्या आयोजित हुई।
Q. कार्यक्रम किसकी स्मृति में था?
यह आयोजन अलग उत्तराखंड राज्य के आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए था।
Q. हर्ष मल्होत्रा ने 1994 के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र की तत्कालीन सरकारों के समय शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कठोर कार्रवाई हुई थी।
Q. जंतर-मंतर पर किस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुआ?
प्रदर्शन वोट के अधिकार की रक्षा और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा था।
Q. चुनाव आयोग के बारे में भाजपा नेता ने क्या कहा?
हर्ष मल्होत्रा ने चुनाव आयोग को स्वायत्त संस्था बताया और कहा कि वह किसी के प्रभाव में काम नहीं करता।












