हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 12वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते समितियों के कार्यालय बंद हैं और कई जगहों पर ताले लटके हुए हैं।

बादशाहपुर, टिहरी विस्थापित (पथरी), धनपुरा (कटारपुर) और पीतपुर (अलावलपुर) सहकारी समितियों के सचिव और कर्मचारी एक अक्तूबर से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के काम पर नहीं होने से समितियों में होने वाले सभी कार्य बंद पड़े हैं।

किसानों को खाद और कीटनाशक नहीं मिल रहे

किसानों का कहना है कि कुछ फसलों में इस समय खाद और कीटनाशक की जरूरत है। हड़ताल के कारण उन्हें सहकारी समितियों से बिना सामान लिए लौटना पड़ रहा है। किसान प्रेम सिंह, राजेश कुमार, इरशाद अली और जावेद अली ने यह समस्या बताई।

बादशाहपुर सहकारी समिति के सचिव अजय पाल सिंह ने बताया कि हड़ताल के चलते समिति पर ताला लगा दिया गया है। इससे समिति से जुड़े किसानों को जरूरी सामान और सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

निष्कर्ष

पथरी क्षेत्र की 4 सहकारी समितियों में कर्मचारियों की हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। काम बंद होने से किसानों को खाद और कीटनाशक लेने में परेशानी हो रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल कितने दिन से जारी है?

सोमवार को हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। कर्मचारी एक अक्तूबर से हड़ताल पर हैं।

Q. हड़ताल से किन सहकारी समितियों का काम प्रभावित है?

बादशाहपुर, टिहरी विस्थापित (पथरी), धनपुरा (कटारपुर) और पीतपुर (अलावलपुर) समितियों में काम बंद है।

Q. हड़ताल का किसानों पर क्या असर पड़ा है?

किसानों को सहकारी समितियों से खाद और कीटनाशक नहीं मिल पा रहे हैं। उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

Q. हड़ताल किस वजह से की जा रही है?

सहकारी समितियों के सचिव और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।

Q. बादशाहपुर सहकारी समिति की स्थिति क्या है?

बादशाहपुर सहकारी समिति के सचिव अजय पाल सिंह के अनुसार, हड़ताल के चलते समिति पर ताला लगा है।