हरिद्वार के शिवमूर्ति क्षेत्र स्थित सार्वजनिक शौचालय में मूत्रालय इस्तेमाल करने के बदले 10 रुपये लिए जाने का आरोप सामने आया है। पूर्व सभासद अशोक शर्मा ने यह दावा किया है। उनके साथ मौजूद पार्षद सुनील कुमार ने मौके की घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया।
अशोक शर्मा और सुनील कुमार सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था की जानकारी लेने के लिए यात्री बनकर वहां पहुंचे थे। अशोक शर्मा के अनुसार, मूत्रालय इस्तेमाल करने के बाद शौचालय में मौजूद कर्मचारियों ने उनसे शुल्क मांगा और रकम ले ली।
वीडियो में सुनील कुमार की शौचालय कर्मचारी से बातचीत और बहस दिखाई दे रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद हरिद्वार में सार्वजनिक शौचालयों की निगरानी और शुल्क वसूली के तरीके पर सवाल उठे हैं।
आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी
इस मामले में शौचालय संचालक या नगर निगम की ओर से अलग से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए रकम लेने की परिस्थितियों और संबंधित कर्मचारी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यह विवाद रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के एक अन्य सार्वजनिक शौचालय से जुड़े मामले के तुरंत बाद सामने आया है। नगर निगम अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान वहां मूत्रालय इस्तेमाल करने के लिए पैसे लिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित शौचालय को सील किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
शिवमूर्ति के मामले ने अब यह सवाल खड़ा किया है कि शहर के अलग-अलग सार्वजनिक शौचालयों में शुल्क वसूली की निगरानी किस तरह हो रही है। दोनों घटनाओं के आधार पर किसी कर्मचारी या संचालक के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं निकाला गया है।
शुल्क की जानकारी बोर्ड पर लगाने की मांग
अशोक शर्मा का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय लोगों को खुले में शौच से रोकने और यात्रियों को सुविधा देने के लिए बनाए गए हैं। उनका दावा है कि नगर निगम ने शौचालय इस्तेमाल करने के लिए यूजर चार्ज तय किया है, लेकिन मूत्रालय के इस्तेमाल पर शुल्क नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि तय नियमों के बावजूद मूत्रालय इस्तेमाल करने वाले लोगों से भी रकम ली जा रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
पूर्व सभासद ने हरिद्वार के सभी सार्वजनिक और सुलभ शौचालयों में शुल्क की स्पष्ट जानकारी वाले बोर्ड लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को पहले ही पता रहेगा कि किस सुविधा के लिए कितना भुगतान करना है।
उनके अनुसार, शुल्क सार्वजनिक रूप से लिखे होने पर यात्री मनमानी वसूली से जुड़ी शिकायत भी आसानी से कर सकेंगे। उन्होंने आगामी कुंभ मेले को देखते हुए शौचालयों की सफाई, शुल्क व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार की नियमित निगरानी की जरूरत बताई है।
निष्कर्ष
शिवमूर्ति सार्वजनिक शौचालय में 10 रुपये लिए जाने का आरोप वीडियो के साथ सामने आया है, लेकिन मामले की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इस बीच शुल्क नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की मांग उठी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हरिद्वार में 10 रुपये लेने का आरोप किस सुविधा पर है?
शिवमूर्ति क्षेत्र स्थित सार्वजनिक शौचालय में मूत्रालय इस्तेमाल करने के बाद 10 रुपये लेने का आरोप है।
Q. घटना का वीडियो किसने बनाया?
घटना का वीडियो पार्षद सुनील कुमार ने बनाया।
Q. क्या नगर निगम ने मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नगर निगम या शौचालय संचालक की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Q. इससे पहले ऐसा मामला कहां सामने आया था?
इससे पहले रोड़ी बेलवाला स्थित सार्वजनिक शौचालय में मूत्रालय इस्तेमाल करने के लिए पैसे लिए जाने की बात सामने आई थी।
Q. अशोक शर्मा ने क्या मांग की है?
उन्होंने सभी सार्वजनिक और सुलभ शौचालयों में निर्धारित शुल्क की जानकारी वाले बोर्ड लगाने की मांग की है।
Q. अशोक शर्मा के अनुसार मूत्रालय के लिए शुल्क होना चाहिए?
उनका दावा है कि शौचालय के लिए यूजर चार्ज तय है, लेकिन मूत्रालय इस्तेमाल करने पर शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।











