हल्द्वानी में 9 अक्टूबर को प्रदेशभर के व्यापारियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड की ओर से होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सम्मेलन राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट और कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। सम्मेलन का आयोजन प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सरकार में दर्जाधारी मंत्री नवीन वर्मा के नेतृत्व में किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रानीखेत, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, काशीपुर, रुड़की, ऋषिकेश और बागेश्वर समेत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग 800 व्यापारी प्रतिनिधि पहुंचेंगे। महिला व्यापारी प्रतिनिधियों की भी इसमें विशेष भागीदारी रहेगी।
मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएंगी व्यापारिक समस्याएं
सम्मेलन के दौरान प्रदेशभर के व्यापारी मुख्यमंत्री के सामने अपने व्यापारिक हितों, स्थानीय समस्याओं और व्यावसायिक चुनौतियों को रखेंगे। आयोजकों का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी व्यापारियों की समस्याएं सुनते रहे हैं और सम्मेलन से व्यापारी वर्ग को सीधे अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
आयोजकों ने इसे संगठन को धरातल पर मजबूत करने की तैयारियों से भी जोड़ा है। यह सम्मेलन उत्तराखंड के विभिन्न जिलों और प्रमुख कारोबारी केंद्रों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा।
निष्कर्ष
हल्द्वानी में 9 अक्टूबर को होने वाले व्यापारी सम्मेलन में लगभग 800 प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है। व्यापारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अपने हितों और स्थानीय कारोबारी समस्याओं को रखेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. व्यापारी सम्मेलन कब होगा?
सम्मेलन 9 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।
Q. सम्मेलन कहां आयोजित होगा?
कार्यक्रम हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में होगा।
Q. सम्मेलन के मुख्य अतिथि कौन हैं?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे।
Q. सम्मेलन में कितने प्रतिनिधि शामिल होंगे?
आयोजकों के अनुसार, लगभग 800 व्यापारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।
Q. सम्मेलन में व्यापारी किन मुद्दों को उठाएंगे?
व्यापारी व्यापारिक हितों, स्थानीय समस्याओं और व्यावसायिक चुनौतियों को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।










