हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में डेंगू की एलाइजा जांच की किट खत्म होने से मरीजों की जांच प्रभावित हुई है। अस्पताल प्रशासन अब मरीजों की जांच सेंट्रल लैब से कराने की तैयारी कर रहा है। यह लैब निजी कंपनी पीओसीटी चलाती है, इसलिए यहां होने वाली जांच के लिए मरीजों को शुल्क देना होगा।

माइक्रोबायोलॉजी लैब में अब तक डेंगू की एलाइजा जांच निशुल्क होती थी। सेंट्रल लैब से मिली जानकारी के अनुसार वहां इस जांच के लिए करीब 690 रुपये खर्च आता है। वहीं, बाजार के पैथोलॉजी सेंटरों में डेंगू एलाइजा जांच की कीमत 950 से 1000 रुपये के बीच बताई गई है।

अस्पताल में यह स्थिति सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों, माइक्रोबायोलॉजी लैब इंचार्ज और अन्य संबंधित अधिकारियों के बीच बैठक हुई। सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि डेंगू कार्ड टेस्ट के बाद एलाइजा जांच के लिए भेजे गए मरीजों की रिपोर्ट नहीं आ रही है।

माइक्रोबायोलॉजी लैब की ओर से बताया गया कि सेंट्रल लैब में जांच किट उपलब्ध हैं। वहां से जांच कराकर फिलहाल मरीजों की जरूरत पूरी की जा सकती है। लैब इंचार्ज के अनुसार किट खत्म होने से 14 दिन पहले ही पुणे लैब को मांग पत्र भेज दिया गया था।

अस्पताल प्रशासन ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जांच किट खत्म होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को समय पर क्यों नहीं दी गई। प्रशासन ने माइक्रोबायोलॉजी समेत सभी विभागों को निर्देश दिया है कि किसी जरूरी उपकरण या सामग्री की कमी होने पर तुरंत सूचना दी जाए।

अस्पताल में भर्ती मरीजों की जांच लंबित

सुशीला तिवारी अस्पताल के सेंट्रल लैब में डेंगू एलाइजा जांच की 300 किट मौजूद हैं। अस्पताल के मेडिसिन विभाग में डेंगू के 3 मरीज भर्ती हैं। बाल रोग विभाग में भी 4 बच्चे भर्ती हैं, जिनकी एलाइजा जांच होनी है।

इसके अलावा अस्पताल की ओपीडी में रोजाना डेंगू के संदिग्ध 8 से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने वाले मरीज भी शामिल हैं। ऐसे मरीजों के लिए एलाइजा जांच की व्यवस्था जरूरी है।

एसटीएच के एमएस प्रो. अरुण जोशी ने कहा कि फिलहाल आने वाले मरीजों के लिए रियायती दरों पर या निशुल्क जांच की व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को जरूरी उपकरण की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों को तुरंत देने को कहा गया है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य प्रो. अजय आर्या ने कहा कि मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग को व्यवस्था बनाने और जल्द किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार 2-4 दिन के भीतर नई किट उपलब्ध हो जाएगी।

मरीजों पर क्या असर पड़ेगा

नई किट आने तक एलाइजा जांच सेंट्रल लैब से कराने पर मरीजों को करीब 690 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने रियायती दरों या निशुल्क जांच की व्यवस्था का प्रयास करने की बात कही है।

निष्कर्ष

सुशीला तिवारी अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में किट खत्म होने के कारण डेंगू की निशुल्क एलाइजा जांच प्रभावित हुई है। फिलहाल सेंट्रल लैब में उपलब्ध 300 किट से जांच कराने की तैयारी है। नई किट 2-4 दिन में आने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सुशीला तिवारी अस्पताल में डेंगू की एलाइजा जांच क्यों प्रभावित हुई?

माइक्रोबायोलॉजी लैब में एलाइजा जांच की किट खत्म हो गई है।

Q. अब डेंगू की एलाइजा जांच कहां कराने की तैयारी है?

अस्पताल प्रशासन सेंट्रल लैब से जांच कराने की तैयारी कर रहा है।

Q. सेंट्रल लैब में डेंगू एलाइजा जांच का खर्च कितना है?

सेंट्रल लैब में इस जांच का खर्च करीब 690 रुपये बताया गया है।

Q. सेंट्रल लैब कौन संचालित करता है?

सुशीला तिवारी अस्पताल की सेंट्रल लैब निजी कंपनी पीओसीटी चलाती है।

Q. सेंट्रल लैब में कितनी डेंगू जांच किट उपलब्ध हैं?

सेंट्रल लैब में डेंगू एलाइजा जांच की 300 किट मौजूद हैं।

Q. नई जांच किट कब तक आने की उम्मीद है?

राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य के अनुसार 2-4 दिन के भीतर किट उपलब्ध हो जाएगी।

Q. क्या मरीजों को रियायत मिल सकती है?

अस्पताल प्रशासन ने रियायती दरों या निशुल्क जांच की व्यवस्था करने की कोशिश की बात कही है।